विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फोरलेन सड़क के लिए गंगा किनारे कटे पेड़, पटनावासियों को सौगात या पर्यावरणीय खतरा?

Published: Sat, 27 Jun 2026 07:50 AM (IST)

पटना सिटी में जेपी गंगा पथ के समानांतर बन रही फोरलेन सड़क से यातायात सुगम होगा, लेकिन इसके लिए गंगा किनारे दो दर्जन से अधिक पेड़ काटे गए हैं।

सड़क निर्माण के लिए गंगा किनारे कटे दो दर्जन से अधिक पेड़

सड़क निर्माण के लिए गंगा किनारे कटे दो दर्जन से अधिक पेड़

HighLights

  1. जेपी गंगा पथ के समानांतर फोरलेन सड़क निर्माण कार्य।

  2. सड़क के लिए गंगा किनारे दो दर्जन से अधिक पेड़ कटे।

  3. पर्यावरणविदों ने हरियाली के नुकसान पर जताई गहरी चिंता।

जागरण संवाददाता, पटना सिटी। भद्रघाट से लेकर दीदारगंज के बीच जेपी गंगा पथ के समानांतर गंगा किनारे निर्माण हो रही फोरलेन सड़क पटना सिटी वासियों के लिए बड़ी सौगात साबित होगी।

अशोक राजपथ के जाम में फंसने, ईंधन व समय की बर्बादी के साथ प्रदूषण की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। सड़क निर्माण के लिए गंगा किनारे के दो दर्जन से अधिक हरे-भरे पेड़ों की कुर्बानी देनी पड़ी।

भद्रघाट, महावीर घाट, चित्रगुप्त मंदिर परिसर, खाजेकलां, महाराज घाट समेत अन्य जगहों पर गंगा किनारे लगे पेड़ काटे गए हैं। पीपल के कई विशाल वृक्ष काटे जा रहे हैं। संबंधित पदाधिकारी का कहना है कि यह पेड़ नियमानुसार वन विभाग से अनुमति लेकर काटे गए हैं।

चिंता है कि गंगा किनारे से खत्म हो रही हरियाली आने वाले दिनों में पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगी। पीपल, बरगद समेत अन्य हरे पेड़ों को काटने के बजाए इसे स्थानांतरित करने की मांग पूर्व में लोगों द्वारा की जा चुकी है।

पर्यावरण संरक्षण की चिंता करते हुए बी एन कपूर, संजीव कुमार यादव, विजय कुमार सिंह, अनिल रश्मि, आलोक चोपड़ा, सुजीत कुमार कसेरा, मृत्युंजय समेत अन्य लोगों ने कहा कि फोरलेन सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सड़क के दोनों ओर पेड़ लगाने और हरियाली सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस योजना के तहत काम करना होगा। आज भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं, लेकिन पेड़ लगाने व बचाने की चिंता से दूर होते जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें- बिहार में जमीन नपवाना हुआ महंगा, अब ऑनलाइन आवेदन के साथ देनी होगी दोगुना फीस

यह भी पढ़ें- बिहार में बिजली की मांग का नया रिकॉर्ड, कंपनी 12 हजार मेगावाट सप्लाई को तैयार

वृक्ष सुरक्षा योजना के तहत अनुमति प्रदान की गई है, और प्रत्येक पतित वृक्ष के बदले में तीन गुना पौधों का रोपण किया जाएगा।

-

डीएफओ, पटना