बिहार बॉर्डर पर पकड़ी गई 'अमेरिकी मेम' का सच आया सामने! नेपाल के प्रेमी से शादी के लिए खरीदारी करने आई थी भारत
Kishanganj Indo Nepal Border US Girl Case New Twist: भारत-नेपाल सीमा पर दिघलबैंक में पकड़ी गई कथित अमेरिकी युवती असल ...और पढ़ें

Kishanganj Indo Nepal Border US Girl Case New Twist: किशनगंज बॉर्डर पर पकड़ी गई 'अमेरिकी युवती' मामले में नया मोड़; निकली भूटानी शरणार्थी, SSB ने APF को सौंपा
HighLights
कथित अमेरिकी युवती असल में भूटानी नागरिक, नेपाल शरणार्थी शिविर में रहती है।
नेपाली मंगेतर संग शादी की खरीदारी के लिए भारतीय बाजार आई थी।
गहन जांच के बाद एसएसबी ने नेपाल एपीएफ को सुरक्षित सौंपा।
संवाद सूत्र, दिघलबैंक (किशनगंज)। Kishanganj Indo Nepal Border US Girl Case New Twist: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित दिघलबैंक थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में एक कथित अमेरिकी युवती को सुरक्षा बलों द्वारा रोके जाने के चर्चित मामले में एक नया और अहम मोड़ सामने आया है।
सुरक्षा एजेंसियों की विस्तृत जांच और पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि युवती कोई संदिग्ध घुसपैठिया नहीं, बल्कि नेपाल के शरणार्थी शिविर में रहने वाली भूटानी नागरिक है।
वह अपने नेपाली मंगेतर के साथ अपनी आगामी शादी के कपड़ों और अन्य आवश्यक सामान की खरीदारी करने के लिए भारतीय सीमा क्षेत्र के दिघलबैंक बाजार आई थी।
कई घंटों तक चली गहन तकनीकी व दस्तावेजी पड़ताल में कोई आपत्तिजनक सामग्री या संदिग्ध गतिविधि न मिलने पर सुरक्षा बलों ने आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी कर दोनों को नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) को सुरक्षित सौंप दिया है।
मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा स्तंभ संख्या 130 के समीप सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 12वीं वाहिनी के सतर्क जवानों ने मंगलवार की शाम एक विदेशी युवती को स्थानीय युवक के साथ सीमा पार करते देखा था।
संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमा पर विदेशी चेहरे की आवाजाही को देखते हुए जवानों ने सुरक्षा के लिहाज से दोनों को रोककर पूछताछ शुरू की थी।
अमेरिकी दंपती ने लिया था गोद, नेपाल कैंप में रह रही थी युवती
सूत्रों और जांच अधिकारियों के अनुसार, युवती मूल रूप से भूटान की रहने वाली है और विगत 12 वर्षों से अपने परिवार के साथ नेपाल स्थित भूटानी शरणार्थी शिविर में निवास कर रही है।
पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि बचपन में एक अमेरिकी दंपती ने उसे कानूनी रूप से गोद लिया था, जिसके कारण उसके पास विदेशी यात्रा दस्तावेज मौजूद थे। हालांकि, बाद में वह वापस अपने जैविक माता-पिता के पास नेपाल लौट आई और वहीं रहकर अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर रही थी।
किशनगंज के दिघलबैंक स्थित भारत-नेपाल सीमा पर पकड़ी गई कथित अमेरिकी युवती मामले में सामने आई पूरी सच्चाई
मूल रूप से भूटान की निवासी है युवती, पिछले 12 वर्षों से नेपाल स्थित भूटानी शरणार्थी शिविर में रह रही थी
अमेरिकी दंपती ने लिया था गोद, बाद में नेपाल लौटी; झापा निवासी युवक से 21 सितंबर को तय है विवाह
शादी के कपड़ों की खरीदारी के लिए आई थी भारतीय बाजार; गहन जांच के बाद एसएसबी ने नेपाल एपीएफ को सौंपा
इसी दौरान इंटरनेट मीडिया के माध्यम से उसकी जान-पहचान नेपाल के झापा जिला अंतर्गत घेलाडूबा निवासी एक युवक से हुई। दोनों की बातचीत धीरे-धीरे गहरे प्रेम प्रसंग में बदल गई और दोनों परिवारों की सहमति से उनका विवाह तय हो गया।
21 सितंबर को होनी है शादी, मोहामारी के रास्ते आई थी बाजार
पूछताछ के दौरान युवक और युवती ने खुलासा किया कि आगामी 21 सितंबर को दोनों का पारंपरिक रीति-रिवाज से विवाह होना निश्चित हुआ है।
इसी शादी समारोह के लिए परिधान, गहने और शृंगार के सामान की खरीदारी करने के उद्देश्य से दोनों नेपाल सीमा के मोहामारी ग्रामीण मार्ग के रास्ते भारतीय क्षेत्र के दिघलबैंक बाजार में प्रवेश कर रहे थे।
सीमा पर एसएसबी जवानों ने जब दोनों को रोककर यात्रा के वैध कारणों और दस्तावेजों की तकनीकी जांच की, तो उनके पास से कोई भी अवैध या आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ।
सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस द्वारा पहचान व दावों की पुष्टि किए जाने के बाद दोनों को सीमा पर तैनात नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) प्रशासन के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया गया, जिसके बाद दोनों अपने गंतव्य को रवाना हो गए।
