गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे को लेकर आया अपडेट, जमीन अधिग्रहण तेज, पढ़ें रैयत कैसे दर्ज कराएं आपत्ति
किशनगंज में गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज की जा रही है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी।
किशनगंज हवाई अड्डे के रनवे विस्तार हेतु एलपीसी बनेगा।
विभिन्न विकास परियोजनाओं के भुगतान में तेजी लाने का निर्देश।
जागरण संवाददाता, किशनगंज। जिले में गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी।
इसके लिए संबंधित अंचलों में अधिसूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के साथ रैयतों को निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा-आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा।
वहीं, किशनगंज हवाई अड्डे के रनवे विस्तार के लिए अधिग्रहित जमीन के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शिविर लगाकर भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र (एलपीसी) बनाया जाएगा।
शुक्रवार को जिला पदाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले की विभिन्न भू अर्जन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
इस दौरान डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों और अधियाची विभागों के अधिकारियों को लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए जारी अधिसूचना पर विशेष चर्चा हुई। परियोजना से संबंधित गजट राजपत्र और समाचार पत्रों में प्रकाशन किया जा चुका है।
डीएम ने अधिसूचना की प्रति जिला एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड करने तथा संबंधित गांवों और अंचलों में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके लिए संबंधित अंचलाधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
परियोजना से प्रभावित रैयत निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी दावा-आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। प्रशासन की ओर से संबंधित क्षेत्रों में इसकी जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया गया, ताकि प्रभावित भूमि धारक निर्धारित अवधि में अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकें।
हवाई अड्डे की जमीन के भुगतान के लिए बनेगा एलपीसी
किशनगंज हवाई अड्डे के रनवे विस्तार के लिए अधिग्रहित भूमि का अवार्ड तैयार कर नोटिस निर्गत किया जा चुका है। अब मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए डीएम ने किशनगंज के अंचलाधिकारी को शिविर आयोजित कर संबंधित रैयतों का एलपीसी बनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने संबंधित रैयतों से अपने जमीन के स्वामित्व से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ एलपीसी बनवाने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा, ताकि भुगतान में अनावश्यक विलंब नहीं हो।
पुरानी परियोजनाओं के भुगतान में तेजी लाने का निर्देश
समीक्षा बैठक में भारतमाला परियोजना के तहत मेजर डिस्ट्रिक्ट ग्रीनफील्ड सड़क, एसएच-99, बहादुरगंज-टेढ़ागाछ सड़क चौड़ीकरण, अररिया-गलगलिया गाइड बांध और न्यू बीजी रेल लाइन सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
इसके अलावा अभयपुर घाट, असुरा एवं निशंद्रा घाट तथा तैयबपुर में आरसीसी पुल निर्माण से संबंधित भू अर्जन कार्यों पर भी चर्चा हुई।
डीएम ने इन परियोजनाओं में भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए संबंधित रैयतों का एलपीसी उपलब्ध कराने तथा लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश सभी अंचलाधिकारियों को दिया।
पांच रोड ओवरब्रिज और कोसी-मेची लिंक नहर पर भी जोर
बैठक में आगामी परियोजनाओं के तहत पांच रोड ओवरब्रिज के निर्माण और कोसी-मेची लिंक नहर परियोजना की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के निर्माण से संबंधित भू अर्जन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित अंचलाधिकारियों को खेसरा पंजी शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी अनिकेत कुमार, जिला भू अर्जन पदाधिकारी अक्षयवट तिवारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
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