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किशनगंज: गलगलिया-नेपाल सीमा सड़क चौड़ीकरण को मिली 21.62 करोड़ की मंजूरी, व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

Published: Wed, 04 Nov 2026 04:27 PM (IST)

गलगलिया चेकपोस्ट से भारत-नेपाल सीमा तक की सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण को तकनीकी मंजूरी मिल गई है। 2.70 किलोमीटर ...और पढ़ें

गलगलिया-नेपाल सीमा सड़क चौड़ीकरण को मिली 21.62 करोड़ की मंजूरी (AI Generated Image)

गलगलिया-नेपाल सीमा सड़क चौड़ीकरण को मिली 21.62 करोड़ की मंजूरी (AI Generated Image)

HighLights

  1. गलगलिया-नेपाल सीमा सड़क के चौड़ीकरण को तकनीकी मंजूरी।

  2. 2.70 किमी सड़क पर 21.62 करोड़ रुपये होंगे खर्च।

  3. आवागमन सुगम होगा, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा।

संवाद सूत्र, ठाकुरगंज (किशनगंज)। किशनगंज-तैयबपुर-ठाकुरगंज-गलगलिया (केटीटीजी) सड़क मार्ग के तहत गलगलिया चेकपोस्ट स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई से गलगलिया रेलवे गेट होते हुए भारत-नेपाल सीमा तक जाने वाली संकरी सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण को लेकर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।

करीब 2.70 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 21 करोड़ 62 लाख 7 हजार रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया है, जिसे मुख्य अभियंता, सीमांचल उपभाग द्वारा तकनीकी अनुमोदन प्रदान किया जा चुका है।

इस संबंध में विभागीय प्रक्रिया की पुरी जानकारी देते हुए विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने बताया कि किशनगंज-तैयबपुर-ठाकुरगंज-गलगलिया पथ के 55वें से 58वें किलोमीटर के बीच अर्थात् गलगलिया चेकपोस्ट (एनएच-327ई) से गलगलिया रेलवे गेट (इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड) तक सड़क चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण की योजना प्रस्तावित है।

इस कार्य की प्राक्कलित राशि 21.62 करोड़ रुपये है। मुख्य अभियंता, सीमांचल उपभाग द्वारा तकनीकी अनुमोदन दिए जाने के बाद पत्रांक 497 (अनु०), दिनांक 18 मार्च 2026 के माध्यम से प्रशासनिक स्वीकृति के लिए विभाग को प्रस्ताव समर्पित किया गया है।

विभागीय अभिलेख के अनुसार, मुख्य अभियंता कार्यालय, सीमांचल उपभाग द्वारा तैयार तकनीकी अनुमोदन में किशनगंज-तैयबपुर-ठाकुरगंज-गलगलिया सड़क के सीएच 55+700 से सीएच 58+400 तक कुल 2.700 किलोमीटर हिस्से को सिंगल लेन से दो लेन पेव्ड शोल्डर में विकसित करने की योजना है।

वर्तमान में इस पथ की चौड़ाई लगभग 3.05 मीटर है, जिसे बढ़ाकर 07 मीटर बिटुमिनस सड़क बनाने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्राक्कलन में सड़क की चौड़ाई बढ़ाने और सुदृढ़ीकरण के अलावा विभिन्न आकार के पांच आरसीसी बॉक्स कलवर्ट, रोड फर्नीचर तथा नाला निर्माण का भी प्रावधान किया गया है। तकनीकी अनुमोदन के लिए सड़क की सीबीआर जांच, यातायात गणना एवं अन्य आवश्यक तकनीकी प्रतिवेदन भी संलग्न किए गए हैं।

मुख्य अभियंता स्तर से 21,62,07,000 रुपये की कुल प्राक्कलित राशि को तकनीकी अनुमोदन प्रदान करते हुए प्रशासनिक स्वीकृति के लिए पथ निर्माण विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। राशि आबंटित होते ही उक्त पथ का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

विधायक ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और भारत-नेपाल सीमा के बीच बढ़ती आवाजाही को देखते हुए इस सड़क का चौड़ीकरण समय की आवश्यकता बन गई थी।

संकरी सड़क के कारण बड़े वाहनों के परिचालन में भी कठिनाई होती है। ऐसे में सड़क का दो लेन में चौड़ीकरण होने से सीमावर्ती क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा तथा व्यापार, उद्योग और परिवहन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

बताते चलें कि केटीटीजी सड़क के निर्माण के समय से ही गलगलिया चेकपोस्ट से नेपाल सीमा तक का यह हिस्सा संकरा बना हुआ है। निर्माण के 50 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सड़क की चौड़ाई में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है। जबकि यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई से सीधे नेपाल को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संपर्क पथ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि समय के साथ गलगलिया क्षेत्र में औद्योगिक, व्यावसायिक और परिवहन गतिविधियों का काफी विस्तार हुआ है।

इस मार्ग के आसपास करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित रीगल रिसोर्सेस मक्का प्रसंस्करण इकाई, फ्लाई ऐश एवं फीदरलाइट कंपनी, चाय फैक्ट्री, गलगलिया थाना, भातगांव एसएसबी बीओपी, ट्रांजिट प्वाइंट, कस्टम कार्यालय, अंतरराज्यीय बस पड़ाव और गलगलिया रेलवे स्टेशन सहित कई महत्वपूर्ण संस्थान संचालित हैं। इसके बावजूद सड़क की चौड़ाई नहीं बढ़ने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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