किशनगंज । ग्रामीण परिवेश में पली बढ़ी मध्यम वर्गीय परिवार की सुमित्रा देवी अपनी मेहनत व सामाजिक कार्यो के बलबुते बीते करीब साढ़े चार वर्षों से बहादुरगंज नगर पंचायत के मुख्य पार्षद के रूप में कार्य कर रही हैं। जिनका पारिवारिक इतिहास राजनीतिक परिदृश्य से कोसों तक कहीं लेना देना नहीं है, लेकिन बचपन से ही सामाजिक कार्यो के प्रति लगन, दबे कुचले उपेक्षित वर्गों के लिए कार्य के प्रति रुचि रहने के कारण आज क्षेत्र में नजीर के रूप में देखी जा रही है। मुख्य पार्षद सुमित्रा देवी का कहना है कि विशेष परिस्थिति के कारण मैं उच्च शिक्षा नहीं ले पायी। फलस्वरूप मन में एक टीस सा था। फलस्वरूप मैंने समय के साथ ग्रामीण परिवेश में शिक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प ली।खासकर नारी शिक्षा पर विशेष जोर दिया। जिन्हें आगे चल कर परिवार के निर्माण में अहम भूमिका निभाना पड़ता है।उन्होंने कही कि साधारणत महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह रहती हैं। इसको लेकर उन्हें सजग करने पर मन को सुकून मिलता है। दबे कुचले व उपेक्षित वर्ग आज भी अपने आप को असहाय महसूस करते हैं ।वैसे में इस वर्ग को उनके हक हकुक दिलाना अपनी जिम्मेदारी समझती हूं। यही कारण है कि नगर पंचायत क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत आवास,शौचालय , गली नली योजना के तहत सड़क व आवश्यकता अनुसार नाला निर्माण करवाया गया है।18 वार्डो में हर घर नल योजना के तहत घर घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने हेतु कार्य चल रहा है।स्वच्छ भारत मिशन के शत प्रतिशत सफलता को लेकर हर वार्ड में सफाई कर्मी लगाया गया है।वही नगर पंचायत वासियों को नगर के साफ सफाई को लेकर लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने अपने ससुराल वालों खास कर अपने पति किशोर कुमार सिंह की तारीफ करते हुए इतना भर कही उनके इस मुकाम में पहुंचने में उनका भी बहुत बड़ी भूमिका रही है।नगर पंचायत के मुख्य पार्षद के दायित्व निर्वहन के साथ,परिवारिक, सामाजिक जिम्मेदारी को पुरा करते हुए अपनी रूचि के अनुसार महिलाओं के उत्थान की दिशा में जहाँ तक हो पाता है ,करने का प्रयास करती हूं। अंत में मुख्य पार्षद सुमित्रा देवी ने इतना भर कही कि यदि इंसान ²ढ़ संकल्प ले ले तो कुछ भी किया जा सकता है। बाधाएं स्वत: धीरे धीरे खत्म हो जाता है।

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