बिहार में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र पर नई व्यवस्था से बढ़ी परेशानी, दफ्तरों के चक्कर लगा रहे लोग
ठाकुरगंज में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की नई व्यवस्था से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि 1 अक्टूबर से विलंबित प्रमाण पत्रों का निर्गमन अटक गया है।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र पर नई व्यवस्था बनी मुसीबत, लोग दफ्तरों के लगा रहे चक्कर (AI Generated Image)
HighLights
नई व्यवस्था से विलंबित जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी।
जिला प्रशासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश न मिलने से असमंजस की स्थिति।
मतदाता पहचान पत्र, आधार, स्कूल नामांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्य रुके।
बीरबल महतो, ठाकुरगंज (किशनगंज)। किसी को अपनी बेटी का मतदाता पहचान पत्र बनवाना है तो किसी को बच्चों का विद्यालय में नामांकन कराना है, लेकिन जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिलने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
ठाकुरगंज प्रखंड में एक वर्ष से अधिक विलंबित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले आवेदक कार्यालयों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
30 सितंबर तक शपथ पत्र के आधार पर प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन एक अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे प्रमाण पत्रों का निर्गमन फिलहाल अटक गया है। जिला प्रशासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने के कारण आवेदकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रखंड सांख्यिकी कार्यालय और संबंधित पंचायत भवन पहुंच रहे लोगों को फिलहाल इंतजार करने को कहा जा रहा है। इससे उन परिवारों की परेशानी बढ़ गई है, जिनके बच्चों की पढ़ाई, पहचान संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी काम जन्म प्रमाण पत्र पर निर्भर हैं।
वहीं, मृत्यु प्रमाण पत्र के अभाव में उत्तराधिकार, पारिवारिक पेंशन और बैंकिंग संबंधी प्रक्रियाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
जानकारी के अनुसार ,30 सितंबर 2026 तक एक माह से अधिक विलंबित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदक कार्यपालक दंडाधिकारी के समक्ष शपथ पत्र बनवाते थे।
इसके बाद प्रखंड सांख्यिकी कार्यालय अथवा संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव के पास आवेदन जमा किया जाता था। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर प्रमाण पत्र निर्गत किए जाते थे।
हालांकि, एक अक्टूबर से एक वर्ष से अधिक विलंबित मामलों में प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
संबंधित कार्यालयों को जिला प्रशासन से आवश्यक दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार है। ऐसे में आवेदक यह भी नहीं समझ पा रहे हैं कि उनके आवेदन का निष्पादन कब और किस प्रक्रिया के तहत होगा।
केस स्टडी-1
ठाकुरगंज प्रखंड की सखुआडाली ग्राम पंचायत के बालूबाड़ी निवासी मो. मुमताज अपनी बेटी मुस्कान प्रवीण का विलंबित जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशान हैं।
उन्होंने बताया कि बेटी का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए संबंधित कार्यालय में आवेदन दिया था, लेकिन नई व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जा रहा है।
मो. मुमताज के अनुसार, जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनने से बेटी का मतदाता पहचान पत्र बनवाने की प्रक्रिया अटकी हुई है। जरूरी दस्तावेज तैयार नहीं होने से परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि बेटी का प्रमाण पत्र बन सके और आगे की प्रक्रिया पूरी हो सके।
केस स्टडी-2
ठाकुरगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या चार स्थित फौदारबस्ती निवासी पुनीता देवी की परेशानी और भी गंभीर है।
उन्होंने बताया कि अपने चारों बच्चों का विलंबित जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सितंबर 2026 में प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी कार्यालय में आवेदन जमा किया था। इसके बावजूद अब तक प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हुए हैं।
पुनीता देवी के अनुसार, जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण बच्चों का आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है। आधार कार्ड के अभाव में उनकी अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है। इससे विद्यालय में नामांकन कराने में परेशानी हो रही है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका से परिवार चिंतित है।
इस संबंध में प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी अवधेश कुमार शर्मा ने बताया कि एक वर्ष से अधिक विलंबित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने के संबंध में अभी तक आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। जिला प्रशासन, किशनगंज से निर्देश मिलने के बाद उसके अनुरूप आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
