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जेपी विश्वविद्यालय के वेतन विवाद में पटना हाई कोर्ट का दखल, शिक्षकों को मिली बड़ी राहत

Published: Thu, 15 Oct 2026 03:05 PM (GMT+05:30)

पटना हाई कोर्ट ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय के शिक्षकों के वेतन भुगतान और प्रतिनियुक्ति से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप किया है।

जेपी विश्वविद्यालय के वेतन विवाद में पटना हाई कोर्ट का दखल, शिक्षकों को मिली बड़ी राहत (AI Generated Image)

जेपी विश्वविद्यालय के वेतन विवाद में पटना हाई कोर्ट का दखल, शिक्षकों को मिली बड़ी राहत (AI Generated Image)

HighLights

  1. हाईकोर्ट ने जेपीवि शिक्षकों को तत्काल वेतन भुगतान का निर्देश दिया।

  2. विश्वविद्यालय के प्रतिनियुक्ति आदेशों को अदालत ने रद्द कर दिया।

  3. वेतन रोकने और उपस्थिति संबंधी कार्रवाइयां भी निरस्त की गईं।

जागरण संवाददाता, छपरा। जय प्रकाश विश्वविद्यालय में शिक्षकों के वेतन और प्रतिनियुक्ति से जुड़े मामलों में पटना हाई कोर्ट के लगातार हस्तक्षेप से विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई चर्चा में है।

14 अक्टूबर को न्यायमूर्ति हरीश कुमार की पीठ ने सीडब्ल्यूजेसी संख्या 6268/26 (रामानंद राम) और 6947/26 (डॉ. रामानुज कौशिक एवं अन्य) की सुनवाई करते हुए संबंधित शिक्षकों को तत्काल वेतन भुगतान का निर्देश दिया।

अदालत ने स्पष्ट किया कि भुगतान याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। इससे पहले, एक सितंबर को दो अन्य मामलों में नवसृजित डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के आदेश तथा वेतन रोकने और मूल पदस्थापन स्थल पर उपस्थिति दर्ज करने से रोकने संबंधी कार्रवाइयां निरस्त की गई थीं।

योगदान व वेतन भुगतान पर दोनों पक्षों की दलीलें:

सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने दलील दी कि सीवान के डीएवी कॉलेज के चार शिक्षकों को स्थानांतरण आदेश के तहत विरमित किया गया था, लेकिन उन्होंने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान नहीं किया। प्रशासन ने यह भी कहा कि संबंधित कालेजों से वेतन भुगतान के लिए आवश्यक बिल प्राप्त नहीं हुए थे।

वहीं, शिक्षकों की ओर से कहा गया कि हाई कोर्ट ने पांच मई 26 को उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद उनका वेतन रोक दिया गया।

सुनवाई में समान परिस्थिति वाले एक अन्य शिक्षक को 28 अप्रैल के अंतरिम आदेश के बाद वेतन भुगतान किए जाने का भी उल्लेख किया गया।

अदालत ने प्रथमदृष्टया समान व्यवहार की आवश्यकता पर जोर देते हुए तत्काल वेतन भुगतान का निर्देश दिया। दोनों याचिकाओं पर अगली सुनवाई 26 नवंबर 26 को निर्धारित है।

एक सितंबर को प्रतिनियुक्ति आदेश हुए थे निरस्त:

इससे पहले, डा. रवि प्रकाश बबलू की सीडब्ल्यूजेसी संख्या 9715/2026 तथा प्रो. रवीन्द्र सिंह एवं अन्य की सीडब्ल्यूजेसी संख्या 9278/2026 में हाई कोर्ट ने नवसृजित डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति से संबंधित आदेश निरस्त कर दिए थे।

साथ ही, वेतन रोकने और मूल पदस्थापन स्थल पर उपस्थिति दर्ज करने से रोकने संबंधी परिणामी कार्रवाइयां भी निरस्त की गई थीं।

कमाल अहमद का मामला भी हाई कोर्ट में:

जेपीवि के वरीय सहायक प्राध्यापक डॉ. कमाल अहमद की अर्थपाल पद पर प्रतिनियुक्ति, वेतन और उपस्थिति से जुड़ा मामला भी हाई कोर्ट में विचाराधीन है। सीडब्ल्यूजेसी संख्या 10352/2026 में अगली सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।

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