संवाद सहयोगी, किशनगंज : बंधुआ मजदूर प्रथा के उन्मूलन को लेकर सोमवार को अनुमंडल कार्यालय में बैठक की गई। महिला हेल्प लाइन, चाइल्ड लाइन, श्रम विभाग व रेडक्रॉस के साथ एसडीएम शाहनवाज अहमद नियाजी की अध्यक्षता में की गई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले के सभी ईंट भट्ठा संचालकों को बांड बना कर देना होगा कि उनके ईंट भट्ठा में बच्चों से काम नहीं लिया जाएगा।

इसके अलावा ईंट भट्ठा में काम करने वाले मजदूरों के बच्चों के लिए वैकल्पिक स्कूल का संचालन किया जाएगा। यह वैकल्पिक स्कूल उसी जगह पर किया जाएगा, जहां से कुछ ही दूरी पर तीन-चार ईंट भट्ठा हो। इसके यह भी निर्णय लिया गया कि यह बैठक हर दो माह के अंतराल पर हो ताकि बाल मजदूरी को रोका जा सके। इसके अलावा विमुक्त बंधुआ मजदूर के पुनर्वास को लेकर भी चर्चा किया गया। बंधुआ मजदूरों की जानकारी देना अनिवार्य किया गया। बंधुआ मजदूरों का पुर्नवास योजना पर चर्चा किया गया। इसके अलावा अन्य जानकारी दिया गया। इस दौरान बैठक में महिला हेल्प लाइन जिला संरक्षण पदाधिकारी शशि शर्मा, एआइएमआइएम की महिला जिलाध्यक्ष डॉ. तारा श्वेता आर्या, चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक पंकज कुमार झा, रेडक्रॉस सचिव मिक्की साहा व अन्य मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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