महेशखूंट-गोगरी-परबत्ता-सुल्तानगंज नई रेललाइन पर बड़ा कदम! गोगरी-परबत्ता रूट के लिए रेलवे बोर्ड को भेजा मामला
Maheshkhunt Sultanganj New Railway Line: केंद्र सरकार ने महेशखूंट से गोगरी-परबत्ता होते हुए सुल्तानगंज तक नई रेललाइन के निर्माण की ...और पढ़ें

Maheshkhunt Sultanganj New Railway Line: महेशखूंट-गोगरी-परबत्ता-सुल्तानगंज नई रेललाइन की मांग ने पकड़ा जोर; केंद्र सरकार ने रेलवे बोर्ड को भेजा प्रस्ताव
HighLights
केंद्र ने महेशखूंट-सुल्तानगंज नई रेललाइन प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा।
गोगरी-परबत्ता होते हुए सुल्तानगंज तक नई रेललाइन की मांग।
लाखों लोगों को कनेक्टिविटी मिलेगी, उत्तर-दक्षिण बिहार जुड़ेगा।
संवाद सूत्र, गोगरी (खगड़िया)। Maheshkhunt Sultanganj New Railway Line: पूर्व मध्य रेलवे एवं पूर्व रेलवे के तहत महेशखूंट रेलवे स्टेशन से गोगरी एवं परबत्ता होते हुए सुल्तानगंज के बीच नई रेललाइन के निर्माण की बहुप्रतीक्षित मांग को बड़ी मजबूती मिली है। स्थानीय नागरिकों की बहुप्रतीक्षित मांग पर संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने इस मामले को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए सीधे रेलवे बोर्ड को अग्रसारित कर दिया है।
केंद्र सरकार के इस सकारात्मक कदम से खगड़िया और भागलपुर के सीमावर्ती दियारा व मैदानी इलाकों में नई रेल कनेक्टिविटी की आस जग गई है। भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा 14 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, गोगरी प्रखंड की रामपुर पंचायत के सरपंच मो. नूर आलम ने 20 अगस्त 2026 को इस संबंध में केंद्र सरकार को एक मांग पत्र सौंपा था।
सरपंच द्वारा सौंपे गए प्रतिनिधित्व में कहा गया था कि खगड़िया जिले के गोगरी और परबत्ता प्रखंड की लाखों की आबादी सीधे रेल संपर्क से वंचित है। यदि महेशखूंट से गोगरी-परबत्ता होते हुए सुल्तानगंज (भागलपुर) तक नई रेललाइन का निर्माण करा दिया जाए, तो इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में ऐतिहासिक सुविधा मिलेगी और उत्तर व दक्षिण बिहार के बीच एक नया संपर्क सूत्र स्थापित होगा।
रेल मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में मामला, रेलवे बोर्ड करेगा समीक्षा
कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नई रेललाइन निर्माण का विषय पूरी तरह से रेल मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसी कारण इस ज्ञापन को जांचोपरांत नीतिगत एवं व्यवहारिक कदम उठाने के लिए रेलवे बोर्ड के अपर सदस्य (कार्यकारी स्तर) के पास भेजा गया है।
महेशखूंट रेलवे स्टेशन से गोगरी व परबत्ता होते हुए सुल्तानगंज तक नई रेललाइन बिछाने की पुरानी मांग ने पकड़ी रफ्तार
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय (DoPT) ने मामले को नियमानुसार कार्रवाई के लिए रेलवे बोर्ड को किया प्रेषित
रामपुर पंचायत के सरपंच मो. नूर आलम ने 20 अगस्त 2026 को केंद्र सरकार को पत्र भेजकर की थी नई रेललाइन की मांग
रेलवे बोर्ड के अपर सदस्य करेंगे मामले की तकनीकी व व्यावहारिक समीक्षा; गोगरी व परबत्तावासियों में हर्ष का माहौल
कार्यालय ज्ञापन में रेलवे बोर्ड को यह भी निर्देशित किया गया है कि इस मामले में की जाने वाली प्रगति और निर्णय से आवेदनकर्ता को भी विधिवत अवगत कराया जाए। पत्र में यह उल्लेख है कि यह कार्यालय ज्ञापन सक्षम प्राधिकारी की संस्तुति और अनुमोदन के बाद निर्गत किया गया है, जिसकी आधिकारिक प्रतिलिपि आवेदनकर्ता सरपंच मो. नूर आलम को भी भेजी गई है।
गोगरी और परबत्ता के लोगों में उम्मीद की नई किरण
इधर, केंद्र सरकार के स्तर से पहल होने और पत्र सार्वजनिक होने के बाद गोगरी और परबत्ता क्षेत्र के प्रबुद्धजनों, व्यवसायियों और आम नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुल्तानगंज एक प्रमुख धार्मिक व व्यावसायिक केंद्र है, जहां सालों भर और विशेषकर श्रावणी मेले में लाखों कांवरिया पहुंचते हैं।
यदि महेशखूंट से गोगरी-परबत्ता के रास्ते सुल्तानगंज को गंगा नदी पर रेल पुल के माध्यम से जोड़ दिया जाता है, तो इससे खगड़िया, सहरसा और मधेपुरा के लोगों के लिए दक्षिण बिहार, बांका और झारखंड की राह बेहद सुगम हो जाएगी। साथ ही कृषि उपज और मक्के के व्यापार को भी नई गति मिलेगी।
