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खगड़िया के महेशखूंट में टोटो की टक्कर से टूटा रेलवे का ऑटोमैटिक बूम, सड़क-रेल यातायात ठप, 2 KM तक महाजाम में फंसे लोग

Published: Tue, 29 Sep 2026 10:57 PM (IST)

Khagaria Maheshkhunt Railway Gate Boom Barrier Damaged: खगड़िया के महेशखूंट रेलवे फाटक पर एक टोटो की टक्कर से ऑटोमैटिक बूम ...और पढ़ें

खगड़िया के महेशखूंट स्टेशन स्थित पश्चिमी रेल फाटक संख्या 25-सी पर टोटो की टक्कर से टूटा पड़ा ऑटोमैटिक बूम पाइप।

खगड़िया के महेशखूंट स्टेशन स्थित पश्चिमी रेल फाटक संख्या 25-सी पर टोटो की टक्कर से टूटा पड़ा ऑटोमैटिक बूम पाइप।

HighLights

  1. टोटो की टक्कर से महेशखूंट रेलवे बूम टूटा।

  2. सड़क और रेल यातायात पूरी तरह बाधित हुआ।

  3. स्थानीय लोगों ने रेल ओवरब्रिज की मांग की।

संवाद सूत्र, महेशखूंट (खगड़िया)। Khagaria Maheshkhunt Railway Gate Boom Barrier Damaged: बरौनी-कटिहार रेल खंड स्थित महेशखूंट रेलवे स्टेशन के पश्चिमी रेल फाटक (संख्या 25-सी) पर मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक बेकाबू रफ्तार टोटो (ई-रिक्शा) ने फाटक पार करने के दौरान रेलवे के ऑटोमैटिक बूम में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बूम पाइप बीच से टूटकर नीचे गिर पड़ा।

बूम ध्वस्त होते ही फाटक का ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क व रेल दोनों मार्ग का परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया।

  • बरौनी-कटिहार रेल खंड के महेशखूंट रेलवे स्टेशन स्थित पश्चिमी रेल फाटक (25-सी) पर टोटो की जोरदार टक्कर से टूटा ऑटोमैटिक बूम

  • हादसे के बाद ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त, सुरक्षा कारणों से अप व डाउन लाइन की कई ट्रेनें आउटर पर रोकी गईं

  • महेशखूंट-जमालपुर मुख्य मार्ग पर दो-दो किलोमीटर लंबा भीषण जाम, चिलचिलाती धूप में घंटों फंसे रहे मरीज, बच्चे और देवघर जा रहे कांवरिये

  • रेलवे तकनीकी टीम ने स्लाइडिंग बूम लगाकर शुरू कराया मैनुअल परिचालन, आरपीएफ-जीआरपी ने अज्ञात टोटो चालक के खिलाफ शुरू की जांच

रेलवे सुरक्षा बल और तकनीकी टीम ने तत्काल स्थिति को भांपते हुए फाटक को बंद कराया, जिससे कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को आउटर सिग्नल पर ही रोकना पड़ा। इस दौरान महेशखूंट-जमालपुर मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं।

सड़क पर 2 KM लंबा महाजाम, धूप में तड़पे कांवरिये व मरीज

गेट बंद होते ही सड़क पर वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ा। महज कुछ ही मिनटों में फाटक के दोनों ओर दो-दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब एक घंटे तक महाजाम की स्थिति बनी रही।

दोपहर की चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच जाम में देवघर जा रहे दर्जनों कांवरिये, स्कूली बच्चों से भरी बसें, गंभीर मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस और दैनिक यात्री घंटों फंसे रहे।

जाम से बचने के लिए कई वाहन चालकों को काजीचक और रोहरी केबिन ढाला होते हुए पूर्वी रेल फाटक तथा गोगरी-अगुवानी मार्ग से शहर की ओर जाना पड़ा, जिससे उन वैकल्पिक रास्तों पर भी गाड़ियों का भारी दबाव बन गया।

स्लाइडिंग बूम से रेलवे ने शुरू कराया मैनुअल परिचालन, Overbridge की मांग

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के गेटमैन और सिग्नल विभाग के तकनीकी कर्मी मौके पर पहुंचे। ऑटोमैटिक बूम पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण अस्थायी तौर पर स्लाइडिंग बूम (मैनुअल बैरियर) की व्यवस्था की गई।

स्लाइडिंग बूम को बार-बार खोलने और बंद करने में अधिक समय लग रहा था, जिसके चलते शाम तक यातायात सामान्य हो सका। इस दौरान अप और डाउन लाइन की कई ट्रेनें करीब आधे घंटे तक प्रभावित रहीं, जिन्हें बाद में मैनुअल सिग्नलिंग से सुरक्षित निकाला गया।

मौके पर पहुंचे आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है और फरार टोटो चालक की तलाश की जा रही है। उधर, स्थानीय लोगों ने महेशखूंट पश्चिमी फाटक पर आए दिन लगने वाले जाम से स्थाई मुक्ति के लिए रेल ओवरब्रिज (ROB) निर्माण की मांग उठाई है।

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