खगडि़या। सात साल की निस्सहाय जूली की ¨जदगी बचाकर दादा जेपी हॉस्पिटल महेशखूंट के डॉ. दीपक ने मानवता का परिचय दिया है। दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल से हार्ट की सर्जरी कराकर नानी गांव लौटी जूली को देखकर लोग कह रहे हैं कि गरीबी पर मानवता भारी पड़ी। मालूम हो कि जूली महेशखूंट के दुखाटोला स्थित अपने नाना बेचन शर्मा के यहां रहती है। बेचन के अनुसार जूली की बराबर तबियत खराब रहती थी। उसे कई डॉक्टरों से दिखाया। डॉक्टरों ने जूली के हार्ट में छेद बता दिया। मेरे लिए ऑपरेशन को लेकर पांच से सात लाख रुपये की व्यवस्था करना बहुत ही मुश्किल भरा काम था। अपनी पूरी ¨जदगी की कमाई भी जमा कर देते तो इतनी राशि नहीं जमा हो पाती। बेचन के अनुसार उन्हें किसी ने डॉ. दीपक से मिलने की सलाह दी। डॉ. दीपक ने जूली को देखते ही डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सकों से बात की। मामूली खर्च पर सफल ऑपरेशन करने की बात कही गई। कुछ पैसे लेकर कर दिल्ली गए और मामूली खर्च पर जूली का ऑपरेशन हुआ। डॉ. दीपक के अनुसार मेडिकल क्षेत्र में जानकारी के अभाव में लोग भटकते रहते हैं और शोषण का शिकार हो जाते हैं। सही जगह उपचार हो तो गंभीर बीमारी में भी मामूली खर्च आता है। बहरहाल जूली की ¨जदगी बच गई। उसके परिजन इसका श्रेय डॉ. दीपक को दे रहे हैं।

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Posted By: Jagran