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खगड़िया के छात्र अमन की कविता NCERT पाठ्यक्रम में विचारार्थ शामिल; मुंगेर वीसी ने सराहा, असम म्यूज में मिला स्थान

Published: Sat, 24 Oct 2026 06:59 AM (IST)

Khagaria Koshi College Student Aman Kumar: खगड़िया के कोशी कॉलेज के छात्र अमन कुमार की मौलिक हिंदी कविता 'नदी के ...और पढ़ें

Khagaria Koshi College Student Aman Kumar: खगड़िया के छात्र अमन की कविता पढ़ेगा देश

Khagaria Koshi College Student Aman Kumar: खगड़िया के छात्र अमन की कविता पढ़ेगा देश

HighLights

  1. अमन कुमार की कविता NCERT पाठ्यक्रम में शामिल करने हेतु विचारणीय।

  2. मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति ने अमन की रचनाशीलता को सराहा।

  3. अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'असम म्यूज' में भी कविता को स्थान मिला।

संवाद सूत्र, खगड़िया। Khagaria Koshi College Student Aman Kumar: यदि लेखनी में संवेदनशीलता और समाज के यथार्थ को छूने का दम हो, तो दूर-दराज के कस्बों से निकली आवाज भी राष्ट्रीय और वैश्विक मंचों तक अपनी गूंज पहुंचाती है। इसे चरितार्थ कर दिखाया है खगड़िया स्थित कोशी कॉलेज (मुंगेर विश्वविद्यालय) के इतिहास प्रतिष्ठा प्रथम सेमेस्टर के छात्र अमन कुमार ने।

अपनी प्रखर साहित्यिक प्रतिभा और कर्तव्यनिष्ठ सेवा भावना के बल पर उन्होंने खगड़िया ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT), नई दिल्ली ने उनकी मौलिक हिंदी कविता को शैक्षणिक समीक्षा और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए विचारार्थ स्वीकार किया है।

NCERT ने पाठ्यक्रम समीक्षा के लिए कविता को दी स्वीकृति

NCERT, नई दिल्ली के समितियाँ एवं संसद अनुभाग द्वारा जारी आधिकारिक पत्र (फा.स. H-11032/201/2024-C and P Section) के अनुसार, अमन कुमार की मौलिक हिंदी कविता 'नदी के उस पार भी घर है' को आवश्यक श्रेणी के तहत समीक्षा के लिए दर्ज किया गया है। इसे NCERT/SCERT की शैक्षणिक समीक्षा के तहत स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने हेतु विचारणीय माना गया है। किसी स्नातक स्तर के युवा छात्र की रचना को राष्ट्रीय स्तर की सर्वोच्च शैक्षणिक संस्था द्वारा इस तरह संज्ञान में लेना अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

कुलपति ने कहा 'Excellent', अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में मिला स्थान

छात्र की इस उपलब्धि पर मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति ने भी खुशी जाहिर की है। कुलपति कार्यालय से भेजे गए आधिकारिक संदेश में अमन की रचनाशीलता और शोधपरक सोच को 'अत्यंत उत्कृष्ट' (Excellent) बताते हुए "good, Keep it up" लिखकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

Khagaria Student Aman Kumar Poem Considered for NCERT Curriculum (1)

इतना ही नहीं, अमन की लेखनी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका 'Assam Muse' (Autumn Special 2026, ISSN 3139-5686) के मुख्य पृष्ठ और विषय-सूची के हिंदी पोएट्री सेक्शन में अमन कुमार की रचना को स्थान दिया गया है, जहां देश-विदेश के कई जाने-माने रचनाकारों के बीच उनकी कविता शामिल की गई है।

कोसी की बाढ़ का दर्द और एनसीसी के जरिए सेवा का जज्बा

कोसी दियारा की त्रासदी, विस्थापन का दंश और प्रकृति से संघर्ष के बीच कभी न टूटने वाली मानवीय उम्मीदों को अमन अपनी कविताओं में बड़ी संजीदगी से उकेरते हैं। उनकी रचना 'कोसी के किनारे' की पंक्तियां—"कोसी के किनारे खड़ा हूं, पानी से नहीं, समय से लड़ता हूं। हर बरस नदी कुछ ले जाती है, फिर भी मिट्टी उम्मीद उगाती है"—बाढ़ पीड़ितों के अदम्य साहस को बखूबी बयां करती हैं।

अमन केवल साहित्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे 09 बिहार बटालियन बरौनी के अनुशासित सीनियर डिवीज़न NCC कैडेट भी हैं। हाल ही में पुलिस केंद्र खगड़िया द्वारा उन्हें दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण और जन-सेवा के लिए आधिकारिक अनुमति दी गई थी, जहां उन्होंने चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र में निष्ठापूर्वक अपनी सेवाएं दीं। कलम और अनुशासन का यह तालमेल क्षेत्र के युवाओं के लिए एक अनुकरणीय मिसाल बन गया है।

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