खगड़िया में जिस सीढ़ी के गिरने से छात्रा की हुई मौत, HM ने पहले ही दी थी रिपोर्ट; BRC दबाए बैठा रहा आवेदन, DM नाराज
खगड़िया के मानसी प्रखंड स्थित एक स्कूल में सीढ़ी ढहने से एक छात्रा की मौत हो गई और सात बच्चे ...और पढ़ें
HighLights
खगड़िया स्कूल में सीढ़ी ढहने से छात्रा की मौत, सात घायल।
प्रधान शिक्षक ने जर्जर सीढ़ी की चेतावनी बीआरसी को दी थी।
जांच समिति की रिपोर्ट के बाद लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, खगड़िया। खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड अंतर्गत अमनी स्थित जटाधर मिश्र प्राथमिक विद्यालय (पासवान टोला) में बुधवार को सीढ़ी ढहने से पहली कक्षा की मासूम छात्रा रितिका कुमारी की मौत और सात बच्चों के घायल होने का मामला केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग की आपराधिक लापरवाही का प्रत्यक्ष परिणाम है।
जिस जर्जर सीढ़ी के मलबे में दबकर मासूम की सांसें थम गईं, उसके खतरनाक और जानलेवा होने की आधिकारिक चेतावनी विद्यालय के वर्तमान प्रधान शिक्षक ने काफी पहले ही लिखित रूप में दी थी। इसके बावजूद प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) मानसी के अधिकारी उस चेतावनी पत्र को दबाकर बैठे रहे और समय रहते न तो सीढ़ी की मरम्मत कराई गई और न ही उसे सील किया गया।
इस भयावह हादसे के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति ने तकनीकी व प्रशासनिक जांच पूरी कर ली है और जांच रिपोर्ट आज डीएम को समर्पित की जाएगी।
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रिसीविंग के बावजूद कुंभकर्णी नींद में सोता रहा बीआरसी मानसी
विद्यालय के वर्तमान प्रधान शिक्षक ब्रजेश कुमार (जिन्होंने 27 जुलाई 2025 को विद्यालय में योगदान दिया था) ने बताया कि पदभार संभालते ही उन्होंने भवन के ऊपरी तल पर जाने वाली सीढ़ी की जर्जर व खतरनाक स्थिति को भांप लिया था। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को खतरा बताते हुए बीआरसी मानसी को बाकायदा लिखित आवेदन सौंपकर तत्काल मरम्मत की गुहार लगाई थी।
बीआरसी कार्यालय द्वारा यह आवेदन रिसीव भी किया गया, परंतु जिम्मेदारों ने फाइलों को आगे बढ़ाने या मौके पर मुआयना करने की जहमत तक नहीं उठाई। यदि समय रहते विभाग चेत जाता, तो मासूम रितिका आज अपने माता-पिता की गोद में सुरक्षित होती।
2018 में बनी थी सीढ़ी, घटिया निर्माण का आरोपी शिक्षक घर छोड़ फरार
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2018 में तत्कालीन विद्यालय प्रधान भूषण राम के कार्यकाल में इस सीढ़ी का निर्माण कराया गया था। निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरतते हुए घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण महज कुछ ही वर्षों में सीढ़ी पूरी तरह कमजोर होकर लटक गई थी।
भूषण राम वर्तमान में भी इसी विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं और स्थानीय अमनी वार्ड नंबर-10 के ही निवासी हैं। हादसे के बाद से ही वे घर पर ताला लगाकर फरार हैं। मानसी थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि घटना को लेकर संबंधित जिम्मेदारों पर प्राथमिकी दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
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खगड़िया स्कूल हादसा: लापरवाही की टाइमलाइन व मुख्य तथ्य
विद्यालय: जटाधर मिश्र प्राथमिक विद्यालय (पासवान टोला), अमनी, प्रखंड- मानसी, खगड़िया।
हादसा: बुधवार सुबह चेतना सत्र के बाद ऊपरी मंजिल पर जाते समय जर्जर सीढ़ी गिरी।
हताहत: कक्षा 1 की छात्रा रितिका कुमारी की मौत; 7 बच्चे गंभीर रूप से घायल।
लापरवाही का साक्ष्य: वर्तमान HM ब्रजेश कुमार द्वारा बीआरसी मानसी को दिया गया रिसीव्ड चेतावनी पत्र, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
निर्माण काल व विवाद: 2018 में तत्कालीन प्रधान शिक्षक भूषण राम के समय निर्माण; घटिया सामग्री का आरोप; आरोपी शिक्षक फरार।
जांच समिति: सदर एसडीओ धनंजय कुमार, डीईओ अमरेंद्र कुमार गोंड, कार्यपालक अभियंता (भवन निर्माण) मुक्ति नारायण।
परिसर में था गंदा पानी, बरामदे में प्रार्थना के बाद हुआ हादसा
विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली का आलम यह है कि पूरे परिसर में बरसात का गंदा पानी जमा है। बुधवार सुबह मैदान में जलभराव के कारण शिक्षकों ने बरामदे पर ही बच्चों का चेतना सत्र आयोजित किया था। प्रार्थना समाप्त होते ही जैसे ही बच्चे ऊपर की कक्षा में जाने के लिए आगे बढ़े, सीढ़ी भरभराकर ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
विद्यालय में 261 बच्चे नामांकित हैं, जिनमें करीब 150 की नियमित उपस्थिति रहती है और 12 शिक्षक पदस्थापित हैं। छह कमरों वाले इस स्कूल के ऊपरी तल पर स्थित 3 कमरों में जाने का एकमात्र सहारा यही सीढ़ी थी।
खगड़िया में पहले भी जर्जर भवनों ने बरपाया है कहर
जिले में जर्जर व असुरक्षित विद्यालय भवनों में बच्चों को बैठाना कोई नई बात नहीं है। पूर्व में भी कई गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं:
कन्या प्रावि कुल्हड़िया: 31 अगस्त की आधी रात को परित्यक्त भवन भरभराकर जमींदोज हुआ; रात का वक्त होने से टला बड़ा हादसा।
जगन्नाथ राम इंटर विद्यालय सलारपुर: 28 अगस्त की सुबह तीन कमरों के बरामदे का छज्जा अचानक टूटकर नीचे गिरा।
इंटर विद्यालय कन्हैयाचक (परबत्ता): जुलाई 2022 में लंच टाइम के दौरान छत पर नाश्ता कर रही नौवीं कक्षा की तीन छात्राएं छज्जा टूटने से नीचे गिरकर लहूलुहान हुई थीं।
प्लस टू विद्यालय चौधा बन्नी (महेशखूंट): चंडी टोला में स्कूल की चहारदीवारी ढहने से नाला निर्माण कर रहे 6 मजदूरों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हुई थी।
राटन (गोगरी): स्कूल की छत का प्लास्टर व हिस्सा गिरने से कई मासूम बच्चे जख्मी हुए थे।
रिपोर्ट सौंपते ही होगी सख्त कार्रवाई
डीएम के निर्देश पर गठित जांच कमेटी—सदर एसडीओ धनंजय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अमरेंद्र कुमार गोंड और भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता मुक्ति नारायण—ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की है। निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता, मलबे के सैंपल और बीआरसी में लंबित आवेदन की कड़ियों को जोड़ते हुए रिपोर्ट तैयार कर ली गई है।
सदर एसडीओ ने बताया कि विस्तृत रिपोर्ट आज डीएम को सौंप दी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर सीढ़ी बनाने वाले पूर्व एचएम, चेतावनी दबाने वाले बीआरसी कर्मियों और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
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