खगड़िया के सरकारी स्कूल में भरभराकर गिरी सीढ़ी, 7 साल की छात्रा की मौत; 4 घायल
खगड़िया के अमनी पंचायत में एक सरकारी विद्यालय में सीढ़ी गिरने से सात वर्षीय छात्रा की मौत हो गई और ...और पढ़ें
HighLights
खगड़िया के अमनी में स्कूल सीढ़ी गिरने से हादसा।
सात वर्षीय छात्रा रितिका कुमारी की मौके पर मौत।
चार विद्यार्थी गंभीर घायल, उच्च स्तरीय जांच के आदेश।
जागरण संवाददाता, खगड़िया। खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड अंतर्गत अमनी पंचायत में बुधवार की सुबह एक सरकारी विद्यालय में बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। प्राथमिक विद्यालय पासवान टोला, अमनी में विद्यालय भवन की पक्की सीढ़ी अचानक भरभराकर गिर पड़ी। इस भीषण हादसे के मलबे में दबकर सात वर्षीय एक छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य विद्यार्थी गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद विद्यालय परिसर में चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। मृतक मासूम छात्रा की पहचान अमनी निवासी मनोज यादव की सात वर्षीय पुत्री रितिका कुमारी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ विद्यालय में उमड़ पड़ी और परिजनों में कोहराम मच गया।
चेतना सत्र के दौरान हुआ हादसा, मलबे में दबे बच्चे
जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अमरेंद्र कुमार गोंड ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह हृदयविदारक हादसा सुबह विद्यालय के चेतना सत्र (प्रार्थना सभा) के दौरान हुआ। उन्होंने बताया कि हालिया बारिश के चलते विद्यालय परिसर में जलजमाव की स्थिति बनी हुई थी, जिससे सीढ़ी के नीचे की संरचना कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। प्रार्थना के वक्त अचानक सीढ़ी ढहने से वहां मौजूद बच्चे सीधे मलबे की चपेट में आ गए।
घायलों को सीएचसी में कराया गया भर्ती, जांच के निर्देश
हादसे की सूचना मिलते ही मानसी अंचलाधिकारी (सीओ) लीलावती कुमारी पुलिस व प्रशासनिक टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों और शिक्षकों के सहयोग से तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे से निकालकर चारों घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के लिए एंबुलेंस से मानसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
सीओ लीलावती कुमारी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था की जा रही है। उधर, डीईओ अमरेंद्र कुमार गोंड ने कहा कि यह बेहद गंभीर और दुखद मामला है। विद्यालय भवन की स्थिति और निर्माण गुणवत्ता समेत पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
