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खगड़िया के मथुरापुर रेल ढाला पर 77 करोड़ के ROB निर्माण पर ब्रेक; रेलवे से नहीं मिली डिजाइन की स्वीकृति, 20% हुआ काम

Published: Sun, 20 Sep 2026 03:54 PM (IST)

Khagaria Mathurapur ROB Construction Delay: खगड़िया के मथुरापुर रेलवे ढाला पर 77 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे रोड ...और पढ़ें

Khagaria Mathurapur ROB Construction Delay: खगड़िया में 77 करोड़ के आरओबी निर्माण पर लगा ब्रेक! डेढ़ साल में 20% काम, रेलवे से डिजाइन न मिलने से बढ़ी आफत

Khagaria Mathurapur ROB Construction Delay: खगड़िया में 77 करोड़ के आरओबी निर्माण पर लगा ब्रेक! डेढ़ साल में 20% काम, रेलवे से डिजाइन न मिलने से बढ़ी आफत

HighLights

  1. 77 करोड़ के आरओबी निर्माण पर तकनीकी पेंच से ब्रेक लगा।

  2. रेलवे से डिजाइन और सर्विस रोड की स्वीकृति लंबित है।

  3. डेढ़ साल में सिर्फ 20% काम, जनता को भारी परेशानी।

जागरण संवाददाता, खगड़िया। Khagaria Mathurapur ROB Construction Delay: शहर के व्यस्ततम मथुरापुर रेलवे ढाला पर 77 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बन रहे रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण पर ब्रेक लगने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। तकनीकी पेंच, रेलवे से डिजाइन की मंजूरी में विलंब और अंतर-विभागीय समन्वय के अभाव के चलते इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की रफ्तार बेहद सुस्त पड़ गई है।

खगड़िया रेलवे स्टेशन से उमेश नगर स्टेशन के बीच स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 24 (एसपीएल) पर इस पुल का निर्माण बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा कराया जा रहा है। निर्माण एजेंसी मेसर्स गणेशाराम डोकानियां ने इस आरओबी का कार्य 22 अप्रैल 2025 को शुरू किया था, जिसे तय कार्ययोजना के तहत 21 अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

हालांकि, निर्माण कार्य शुरू हुए करीब डेढ़ वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर महज 20 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। प्रस्तावित 19 पिलरों में से अब तक सिर्फ एक चौथाई हिस्से का ही निर्माण संभव हो पाया है।

रेलवे से डिजाइन की मंजूरी अटकी, सर्विस रोड का काम भी ठप

सूत्रों के अनुसार, परियोजना में सबसे बड़ा रोड़ा रेलवे स्तर से पुल और सर्विस रोड के डिजाइन को अंतिम स्वीकृति न मिलना बना हुआ है। आरओबी के दोनों तरफ 5.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड बनाई जानी है ताकि स्थानीय आबादी का आवागमन बाधित न हो। लेकिन डिजाइन फाइनल न होने से न तो सर्विस रोड पर काम शुरू हो पा रहा है और न ही रेलवे ट्रैक के निकट पिलर खड़े हो पा रहे हैं। इस व्यस्ततम मार्ग पर धूल और जाम के बीच स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

  • खगड़िया-परिहारा-बखरी लिंक पथ पर लेवल क्रॉसिंग संख्या 24 (एसपीएल) पर 77 करोड़ की लागत से बन रहा है आरओबी

  • 22 अप्रैल 2025 से शुरू हुए निर्माण के डेढ़ साल बाद भी केवल 20 प्रतिशत काम पूरा, 19 में से एक चौथाई पिलर ही बने

  • रेलवे स्तर से पुल और 5.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड के डिजाइन की स्वीकृति न मिलने से निर्माण कार्य रुकने के कगार पर

  • वन विभाग की मंजूरी के दो माह बाद भी नहीं कटे एक दर्जन पेड़; जमीन अधिग्रहण और प्रशासनिक लेटलतीफी से जनता में आक्रोश

इसके अलावा, स्थानीय लोगों की सहूलियत को देखते हुए पुल के दक्षिणी हिस्से की लंबाई बढ़ाई गई है। इसके लिए चार भू-धारियों की निजी जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, जो प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में ही अटकी है। इससे दक्षिणी हिस्से का निर्माण कार्य भी लंबे समय तक खिंचने के आसार हैं।

वन विभाग की अनुमति के बाद भी नहीं हटाए गए पेड़

आरओबी के निर्माण की राह में केवल तकनीकी बाधाएं ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक शिथिलता भी आड़े आ रही है। रेलवे ढाला के उत्तरी भाग में ज्ञानी चौक के निकट लगभग एक दर्जन से अधिक वृक्ष सड़क किनारे खड़े हैं, जिन्हें हटाया जाना अनिवार्य है। वन विभाग ने पेड़ों की कटाई से संबंधित सभी तकनीकी अनुमतियां दो माह पहले ही दे दी थीं, लेकिन इन्हें अब तक धरातल पर नहीं हटाया गया है। ज्ञानी चौक वह बिंदु है जहां से रास्ता अलौली और बखरी के लिए विभाजित होता है; इस मुख्य मोड़ पर भी पिलर निर्माण की डिजाइन पेंडिंग होने से काम ठप पड़ा है।

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"रेलवे द्वारा आरओबी और सर्विस रोड के डिजाइन की स्वीकृति न दिए जाने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। करीब एक पखवारा पूर्व जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में इस मामले को प्रमुखता से रखा गया था। डीएम के स्तर से रेलवे के वरीय अधिकारियों को तथ्यों से अवगत कराते हुए शीघ्र स्वीकृति देने का पत्राचार किया गया है। सभी अड़चनों को दूर कर जल्द निर्माण में तेजी लाई जाएगी।"

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— मुनेंद्र ठाकुर, कार्यपालक अभियंता सह परियोजना पदाधिकारी, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम