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15 करोड़ का बजट, फिर भी खुले आसमान तले यात्री! खगड़िया जंक्शन पर 3 साल में बना महज 48 मीटर शेड, कब मिलेगी राहत

Published: Fri, 09 Oct 2026 10:11 AM (IST)

खगड़िया जंक्शन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 15 करोड़ रुपये के आवंटन के बावजूद यात्री शेड का विस्तार ...और पढ़ें

खगड़िया जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर शेड के अभाव में खुले आसमान तले धूप-बारिश में ट्रेन का इंतजार करते यात्री।

खगड़िया जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर शेड के अभाव में खुले आसमान तले धूप-बारिश में ट्रेन का इंतजार करते यात्री।

HighLights

  1. खगड़िया जंक्शन पर 15 करोड़ के बजट से शेड निर्माण अटका।

  2. अमृत भारत योजना के तहत तीन साल से काम धीमा।

  3. बिजली पोल न हटने से तीन माह से निर्माण ठप।

जागरण संवाददाता, खगड़िया। Khagaria Junction Passenger Shed Delay: पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत बरौनी-कटिहार, सहरसा-समस्तीपुर और खगड़िया-अलौली रेलखंड के महत्वपूर्ण जंक्शन खगड़िया से प्रतिदिन लगभग 16 हजार रेल यात्री आवागमन करते हैं।

इसके बावजूद यह जंक्शन आज भी बुनियादी यात्री सुविधाओं के भारी अभाव से जूझ रहा है। प्लेटफॉर्म के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण के लिए यात्री पिछले आठ वर्षों से इंतजार कर रहे हैं।

  • बरौनी-कटिहार, सहरसा-समस्तीपुर और खगड़िया-अलौली रेलखंड के प्रमुख खगड़िया जंक्शन से प्रतिदिन यात्रा करते हैं 16 हजार यात्री

  • 2023 में अमृत भारत स्टेशन का दर्जा मिलने और 15 करोड़ रुपये आवंटित होने के बाद भी 3 साल से लटका है शेड विस्तार कार्य

  • कुल 194 मीटर लंबे यात्री शेड विस्तार के लक्ष्य में से प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर अब तक केवल 48 मीटर का ही काम पूरा हुआ

  • पीआरडी पोल ट्रांसफर न होने से 3 माह से काम ठप; डिप्टी चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर विवेकानंद भारती ने जल्द समाधान का दिया भरोसा

वर्ष 2023 में खगड़िया जंक्शन का चयन केंद्र सरकार की 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत किया गया था और स्टेशन के कायाकल्प व सौंदर्यीकरण के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। हालांकि, तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कार्य अत्यंत सुस्त रफ्तार से चल रहा है।

194 मीटर में से केवल 48 मीटर ही बन सका शेड, धूप व बारिश में खड़े रहने को मजबूर यात्री

अमृत भारत स्टेशन योजना के मास्टर प्लान के अनुसार खगड़िया जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1, 2 और 3 पर कुल मिलाकर 194 मीटर हिस्से में नए यात्री शेड का निर्माण किया जाना है। इसमें प्लेटफॉर्म संख्या-1 के पूर्वी भाग में 48 मीटर, पश्चिमी भाग में 32 मीटर और प्लेटफॉर्म संख्या-2 व 3 पर 144 मीटर में शेड का विस्तार तय है।

जुलाई 2023 से शुरू हुए इस कार्य में अब तक सिर्फ प्लेटफॉर्म-1 के पूर्वी छोर पर 48 मीटर शेड ही तैयार हो सका है। इसके चलते हजारों रेल यात्रियों को भीषण गर्मी, धूप और बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे खड़े रहकर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ता है।

पीआरडी विद्युत पोल बने रोड़ा, डिप्टी चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर बोले—शीघ्र दूर होगी समस्या

निर्माण कार्य में हो रही इस अकारण देरी के पीछे तकनीकी लापरवाही सामने आ रही है। रेलवे सूत्रों के अनुसार बिजली विभाग के पीआरडी पोलों को अब तक स्थानांतरित (शिफ्ट) नहीं किया गया है, जिसके कारण बीते तीन महीनों से यात्री शेड के निर्माण का काम पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।

इस पूरे गतिरोध पर अमृत भारत स्टेशन गति शक्ति योजना से जुड़े डिप्टी चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर विवेकानंद भारती ने बताया कि विद्युत पोल शिफ्टिंग की समस्या का अध्ययन कर लिया गया है और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर जल्द से जल्द निर्माण बाधाओं को दूर कर कार्य पूरा कराया जाएगा।

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"अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे कार्यों में आ रही तकनीकी समस्याओं की समीक्षा की गई है। बिजली के खंभों को हटाने सहित अन्य अड़चनों का शीघ्र समाधान निकालकर यात्री शेड निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य में तेजी लाई जाएगी।"

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— विवेकानंद भारती, डिप्टी चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर (गति शक्ति योजना, रेलवे)