विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

खगड़िया में गंगा-बूढ़ी गंडक का जलस्तर घटा, लेकिन बाढ़ की आफत बरकरार

Published: Tue, 06 Oct 2026 01:17 PM (IST)

खगड़िया में गंगा और बूढ़ी गंडक का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन अभी भी दोनों नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

News Article Hero Image

HighLights

  1. गंगा व बूढ़ी गंडक का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है।

  2. खतरे के निशान से ऊपर हैं दोनों नदियाँ अभी भी।

  3. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन हेतु 24 नावें चल रहीं।

जागरण संवाददाता, खगड़िया। गंगा व बूढ़ी गंडक के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने लगी है, परंतु दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर है। अभी भी कई गांव-टोले बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।

सदर प्रखंड, गोगरी, और परबत्ता प्रखंड के कई गांव-टोलों में दोबारा गंगा और बूढ़ी गंडक की बाढ़ का पानी प्रवेश करने से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।

खगड़िया आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, सिर्फ निचले इलाके के कुछेक घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश किया है। मुख्य रूप से आवागमन प्रभावित हुआ है, जहां नाव का संचालन हो रहा है।

वर्तमान में सदर प्रखंड में पांच, गोगरी प्रखंड में आठ, परबत्ता प्रखंड में 10 और गोगरी नगर परिषद के शारदा नगर में एक नाव का परिचालन हो रहा है। कुल 24 नाव चल रही हैं।

इधर, जीएन तटबंध के अंदर अवस्थित कई गांव-टोलों में गंगा की बाढ़ का पानी है। गोगरी के रामपुर पंचायत के कई वार्ड फिर से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।

हालांकि जलस्तर में गिरावट आने से लोगों ने राहत की सांस लीं हैं। रामपुर पंचायत के मुखिया कृष्णानंद यादव ने बताया कि, बाढ़ का पानी निकलने लगा है, परंतु वार्ड संख्या-एक, चार, पांच और नौ अभी प्रभावित हैं। निचले भू-भाग में अवस्थित कुछेक घरों में भी पानी है।

बौरना पंचायत भी बाढ़ से प्रभावित है। गोगरी नगर परिषद के शारदा नगर का सड़क संपर्क पहले से भंग है। वहीं इस बीच गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद यहां भी कई घरों में पानी प्रवेश करने की सूचना है।

स्थानीय लोगों के अनुसार जलस्तर में थोड़ी और वृद्धि होती, तो फिर से घर खाली करने की नौबत आ जाती। रामपुर सरपंच मु. नूर आलम के अनुसार, तांती टोला, पश्चिमी टोला व आसपास के क्षेत्र के कुछेक घरों में दोबारा बाढ़ का पानी प्रवेश किया है।

जलस्तर में और वृद्धि होती, तो लोगों को घर खाली करना पड़ता। हालांकि पश्चिमी टोले के कई लोग घर खाली कर चुके हैं। जो अन्यत्र रह रहे हैं। इटहरी पंचायत के कटघरा, भूड़िया और आश्रम टोला की भी यही स्थिति है। पांच-छह दिनों से बाढ़ का पानी बना हुआ है।

राहत की बात यह है कि मंगलवार से गंगा और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में तेजी से गिरावट आने लगी है, अब देखना है कि कब तक रिटर्न बाढ़ का पानी गांव-घरों से पूरी तरह से निकलता है। तत्काल दोबारा की बाढ़ रूपी आफत ने बाढ़ प्रवण क्षेत्र के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

गोगरी प्रखंड में कहां-कहां चल रही हैं नाव

स्थान संख्या
बन्नी पंचायत चार (4)
बौरना पंचायत दो (2)
इटहरी पंचायत एक (1)
गोगरी पंचायत एक (1)
गोगरी नप के शारदानगर एक (1)