विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मछली उत्पादन का नया हब बना खगड़िया: 'कसरैया धार; स्वाद अपार' नाम से होगी ब्रांडिंग, ₹40 हजार तक का बीमा

Published: Tue, 27 Oct 2026 01:12 PM (IST)

Khagaria Fish Production: खगड़िया जिला मत्स्य पालन में बिहार का नया केंद्र बन रहा है, जो राज्य में 8वें स्थान ...और पढ़ें

Khagaria Fish Production: खगड़िया की मछली आढ़त पर बिक्री के लिए रखी गई कसरैया धार की ताजी देसी मछलियां।

Khagaria Fish Production: खगड़िया की मछली आढ़त पर बिक्री के लिए रखी गई कसरैया धार की ताजी देसी मछलियां।

जागरण संवाददाता, खगड़िया। Khagaria Fish Production: नदियों और प्राकृतिक जलस्रोतों से घिरा खगड़िया जिला अब मत्स्य पालन के क्षेत्र में समृद्धि की नई इबारत लिख रहा है। अपार जल संपदा के कुशल प्रबंधन के दम पर खगड़िया मछली उत्पादन के मामले में पूरे बिहार में 8वें पायदान पर पहुंच चुका है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में जहां जिले में 38.88 हजार मीट्रिक टन और 2025-26 में 39.24 हजार मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था, वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 47.47 हजार मीट्रिक टन मछली उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है। गंगा और बूढ़ी गंडक नदी की बाढ़ के चलते इस वर्ष उत्पादन के लक्ष्य को पार कर जाने की प्रबल उम्मीद है। जिले में करीब एक लाख लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मत्स्य व्यवसाय से जुड़कर आजीविका कमा रहे हैं।

'कसरैया धार, स्वाद अपार' नाम से होगी ब्रांडिंग

खगड़िया की जीवनरेखा मानी जाने वाली कसरैया धार की देसी मछलियों का स्वाद पूरे इलाके में मशहूर है। अब इन मछलियों को बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए 'कसरैया धार, स्वाद अपार' नाम से ब्रांडिंग की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत कसरैया कतला, कसरैया रेवा, कसरैया पलवा, कसरैया पबदा, कसरैया सिंगी और कसरैया मांगुर के नाम से पैकेजिंग व विपणन का आधिकारिक प्रपोजल बनाया जा रहा है।

Khagaria Bihar New Fish Farming Hub Branding Insurance (1)

 

खगड़िया में मत्स्य संसाधन के मुख्य आंकड़े

 

  • नदियों की कुल लंबाई: 264 किलोमीटर।

  • चौर भूमि: 20 हजार हेक्टेयर।

  • सरकारी जलकर: 490।

  • निजी पोखर व तालाब: 1295।

  • संबद्ध आबादी: लगभग 1 लाख लोग मत्स्य पालन और व्यापार से जुड़े।

  • राज्य में रैंकिंग: मछली उत्पादन में बिहार में 8वां स्थान।

बता दें कि छह किलोमीटर लंबी यह धार खगड़िया के तीन प्रखंडों—चौथम, गोगरी और मानसी से होकर गुजरती है। 30 से 40 फीट गहरी इस धार में सालभर पानी रहता है और यहां 63 से अधिक प्रकार की दुर्लभ व स्वादिष्ट देसी मछलियां पाई जाती हैं।

5 गुना उत्पादन बढ़ाने को क्लस्टर का प्रस्ताव

जिला मत्स्य पदाधिकारी लाल बहादुर साफी ने बताया कि जिले में मछली उत्पादन को पांच गुना तक बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष क्लस्टर निर्माण की योजना तैयार की गई है। इसके लिए जिला पदाधिकारी (डीएम) के माध्यम से सचिव, डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार को स्वीकृति हेतु विधिवत पत्र भेजा गया है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही आधुनिक तकनीकों के साथ मछली पालन का दायरा और विस्तृत होगा।

 

खगड़िया में मछली उत्पादन: 6 वर्षों की प्रगति व लक्ष्य

 

वित्तीय वर्ष कुल उत्पादन (मीट्रिक टन)
2020-21 26.92 हजार मीट्रिक टन
2021-22 31.03 हजार मीट्रिक टन
2022-23 34.46 हजार मीट्रिक टन
2023-24 36.51 हजार मीट्रिक टन
2024-25 38.88 हजार मीट्रिक टन
2025-26 39.24 हजार मीट्रिक टन
2026-27 (लक्ष्य) 47.47 हजार मीट्रिक टन

Khagaria Bihar New Fish Farming Hub Branding Insurance (2)

₹2,000 के प्रीमियम पर ₹40,000 का बीमा लाभ

जिले के मत्स्य पालकों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के तहत जलीय कृषि बीमा का लाभ दिया जा रहा है। जिला मत्स्य पदाधिकारी के अनुसार, यदि कोई किसान प्रति एक हजार मत्स्य बीज पर ₹2,000 का बीमा कराता है और किसी प्राकृतिक आपदा या बीमारी से मछलियां मर जाती हैं, तो उसे ₹40,000 की क्लेम राशि सीधे बैंक खाते में दी जाएगी। इसके साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना से भी किसानों को जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें कार्यशील पूंजी की किल्लत न हो।

 

यह भी पढ़ें- खगड़िया के छात्र अमन की कविता NCERT पाठ्यक्रम में विचारार्थ शामिल; मुंगेर वीसी ने सराहा, असम म्यूज में मिला स्थान