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कटिहार के कुरसेला में बाढ़ का तांडव, चूल्हे डूबे तो सत्तू-चूड़ा के सहारे कटे दिन; 38 वार्ड व 16 स्कूल प्रभावित

Published: Wed, 09 Sep 2026 01:30 PM (IST)

कटिहार के कुरसेला नगर पंचायत और प्रखंड के 38 वार्ड भीषण बाढ़ से प्रभावित हैं, जिससे लोगों का जनजीवन पूरी ...और पढ़ें

HighLights

  1. कुरसेला में 38 वार्ड और 16 स्कूल बाढ़ से प्रभावित।

  2. पेयजल, आवागमन, भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं का संकट।

  3. राहत कार्य जारी, नाव, सामुदायिक रसोई, अस्थायी शौचालय।

संवाद सूत्र, कुरसेला (कटिहार)। कुरसेला नगर पंचायत के कई वार्ड इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। इससे स्थानीय लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। नगर पंचायत के मेहर टोला, बाघमारा, ग्वालटोली एवं पश्चिम टोला में लोगों को पेयजल आवागमन तथा शौच आदि से लेकर भोजन बनाने तक भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। 

वही संपूर्ण प्रखंड की बात की जाए तो कुल 38 वार्ड बाढ़ से पूर्ण रूप से प्रभावित हैं। पूर्वी मुरादपुर पंचायत के मलिनिया मिर्जाचौकी, कमलाकानी, गोबराही दियारा तथा दक्षिणी मुरादपुर पंचायत के बालू टोला, नवटोलिया, तीनघरिया खेरिया, पत्थर टोला एवं शाहपुर धर्मी पंचायत के चायटोला, शेरमारी एवं उत्तरी मुरादपुर के देवीपुर में बाढ़ की पानी से लोगों का जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। 

16 विद्यालय में बाढ़ का पानी

जरलाही पंचायत के गुमटी टोला, मोकना टोला, बांध टोला में घरों के भीतर पानी घुस जाने से चूल्हे तक डूब चुके हैं। कई परिवार एक वक्त का खाना खाकर या सत्तू और चूड़ा जैसे सूखे खाद्य पदार्थों के सहारे दिन गुजारने को विवश हैं। 

इस आपदा के बीच स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो गई है। अब तक नगर पंचायत सहित प्रखंड क्षेत्र के कुल 16 विद्यालय में बाढ़ का पानी घुस जाने के कारण उन विद्यालय को दूसरे नजदीकी विद्यालयों में शिफ्ट किया गया है। 

रास्तों पर जलभराव के कारण बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है, जिससे अभिभावक उनकी सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित हैं। इसके अलावा, कई इलाकों में नल और जल स्रोत बाढ़ के पानी में डूब जाने से शुद्ध पेयजल का भी भारी संकट उत्पन्न हो गया है।

प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं। आवागमन के लिए नावों की व्यवस्था कर दी गई है। नगर पंचायत के सात पूर्ण और आंशिक रूप से प्रभावित वार्डों में सामुदायिक किचन के संचालन का निर्देश दिया गया है। पीएचईडी विभाग के माध्यम से लगभग 10 से 15 स्थानों पर अस्थायी चापाकल तथा पुरुष एवं महिलाओं के लिए अस्थायी शौचालयों का निर्माण कार्य जारी है। - अनुपम कुमारी, अंचल अधिकारी कुरसेला।

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