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कटिहार का 'व्हाइट गोल्ड' अब ग्लोबल मार्केट में, अमेरिका-कनाडा तक पहुंचा मखाना

Published: Wed, 13 May 2026 06:45 PM (IST)

कटिहार का मखाना अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रहा है, जिसकी पहली खेप अमेरिका भेजी गई है। इससे ...और पढ़ें

कटिहार का 'व्हाइट गोल्ड' अब ग्लोबल मार्केट में, अमेरिका-कनाडा तक पहुंचा मखाना

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प्रदीप गुप्ता, कटिहार। कटिहार का मखाना अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रहा है। ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद पहली बार जिले में उत्पादित 20 किलो मखाना व्यवसायी पोस्ट ऑफिस के माध्यम से अमेरिका भेजा गया। अमेरिकी खरीदार से ऑर्डर मिलने के बाद यह पहली खेप रवाना की गई।

इससे स्थानीय मखाना उत्पादकों और कारोबारियों में उत्साह का माहौल है। जिले के मोसो फूड्स कंपनी के संस्थापक गुलफराज ने कहा कि अमेरिका के व्यापारी की मांग पर सोमवार को मखाना भेजा गया है। इसके अलावा सैंपल के तौर पर मखाना के बने विभिन्न उत्पाद भी सैंपल के रूप में भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि युद्ध व अमेरिकी टैरिफ के बाद पहली बार कटिहार से मखाना को अमेरिका भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया की जल्द ही दूसरी खेप भी भेजी जाएगी। अगले आठ दिनों में 50 किलो रोस्टेड मखाना अमेरिका भेजने की तैयारी चल रही है। वहीं, कनाडा के लिए 12 किलो मखाना सैंपल ऑर्डर के रूप में भेजा गया है।

व्यवसाय से जुड़े लोगों ने बताया कि अब सिंगापुर, मलेशिया, इंडोनेशिया और मोरक्को जैसे देशों से भी संपर्क स्थापित हुआ है। इन देशों में सैंपल भेजे जा रहे हैं, ताकि वहां के बाजार में कटिहार के मखाने की गुणवत्ता को प्रदर्शित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि सिंगापुर में आयोजित एक प्रदर्शनी में कटिहार के मखाने को काफी सराहना मिली, जिसके बाद वहां से भी आर्डर प्राप्त हुआ।

निर्यातकों का कहना है कि अगले छह महीनों में बड़े पैमाने पर मखाना निर्यात शुरू होने की संभावना है। कटिहार का मखाना अपनी गुणवत्ता और स्वाद के कारण देश-विदेश में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि यदि इसी तरह विदेशी बाजारों से मांग बढ़ती रही तो आने वाले समय में कटिहार मखाना निर्यात का बड़ा केंद्र बन सकता है।

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