कटिहार: गंगा-कोसी के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन अलर्ट, निचले इलाकों में फैल रहा पानी
कटिहार में गंगा और कोसी नदियों का जलस्तर बढ़ने से कुरसेला प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

गंगा-कोसी के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन अलर्ट, निचले इलाकों में फैल रहा पानी
HighLights
गंगा-कोसी का जलस्तर बढ़ने से कुरसेला में बाढ़।
कई गांवों में पानी घुसा, आवागमन प्रभावित हुआ।
मनिहारी घाट पर सुरक्षा बढ़ी, ग्रामीण चिंतित हैं।
राजीव चौधरी, कटिहार। गंगा और कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने कुरसेला प्रखंड क्षेत्र के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई गांव बागमारा, पत्थर टोला, खेरिया, कमलाकानी, तीनघड़िया, मजदिया, कटरिया के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।
जगह-जगह सहित बागमारा संपर्क सड़क पर पानी फैलने से आवागमन प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं, मवेशियों के लिए चारा लाने में भी लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
इधर, गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण मनिहारी गंगा घाट पर भी पानी लगातार आगे बढ़ रहा है। पानी धीरे-धीरे घाट स्थित शेड तक पहुंच गया है। सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर घाट पर बड़ी संख्या में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। श्रद्धालुओं को नदी के गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए घाट पर निगरानी बढ़ाई गई है। बरारी गंगा नदी के जलस्तर में भी वृद्धि जारी है।
नदी के आसपास बसे गांवों के ग्रामीण जलस्तर पर लगातार नजर रख रहे हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की तलाश में जुट गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों की मरम्मत कराने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग की है। फिलहाल नदी के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि ने तटवर्ती और निचले इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
