बक्सर: गंगा के उफान में बह रहे किसानों के सपने, परवल-करेला सहित कई सब्जियों की खेती चौपट
सिमरी (बक्सर) के दियरांचल में गंगा के बढ़ते जलस्तर से सैकड़ों एकड़ में लगी सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है।

गंगा के उफान में बह रहे किसानों के सपने, परवल-करेला सहित कई सब्जियों की खेती चौपट
HighLights
गंगा के बढ़ते जलस्तर से सब्जी फसलें बर्बाद।
सैकड़ों एकड़ में लगी परवल, करैला, भिंडी नष्ट।
किसानों ने तत्काल मुआवजे की मांग की।
संवाद सहयोगी, सिमरी (बक्सर)। दियरांचल में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने सब्जी उत्पादक किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बाढ़ का पानी खेतों में फैलने से सैकड़ों एकड़ में लगी परवल, करेला, भिंडी समेत विभिन्न सब्जियों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
खेतों में पानी भरने से तैयार फसल सड़ने लगी है। इससे किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। सबसे अधिक परेशानी उन गरीब किसानों को झेलनी पड़ रही है, जिन्होंने मालगुजारी पर जमीन लेकर सब्जी की खेती की थी।
अब खेती में लगाए गए बीज, खाद, दवा और मजदूरी की लागत भी निकल पाना मुश्किल है। फसल बर्बाद होने के बाद किसानों के सामने परिवार के भरण-पोषण के साथ-साथ मालगुजारी चुकाने की भी चिंता खड़ी हो गई है। पूरे साल परिवार का खर्च कैसे चलेगा, इसे लेकर किसान बेहद परेशान हैं।
गर्जन पाठक के डेरा गांव निवासी सब्जी उत्पादक किसान रामाशंकर बिंद ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके कारण खेतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। परवल, करैला समेत अन्य सब्जियों की फसल पानी में डूबकर पूरी तरह नष्ट हो गई।
उन्होंने बताया कि सब्जी की खेती ही परिवार की आय का मुख्य जरिया थी। फसल बर्बाद होने से आर्थिक संकट गहरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ ने सब्जी उत्पादक किसानों की कमर तोड़ दी है। ऐसे में प्रशासन को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वे कराना चाहिए।
किसानों ने मांग की है कि नुकसान का आकलन कर सरकारी प्रविधान के तहत शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। राहत नहीं मिलने पर कई गरीब किसान परिवारों के सामने भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
