कटिहार में मखाना बेचकर जुटाई पूंजी राख, अग्निकांड के बाद अब 10 परिवारों को दो वक्त की रोटी की चिंता
कटिहार के बुद्ध नगर में भीषण अग्निकांड से 10 परिवारों के आशियाने और मखाना बेचकर जुटाई गई पूंजी राख हो ...और पढ़ें
-1793028074843_m.webp)
कटिहार के फलका में आगजनी के बाद जले हुए घरों के अवशेष और रोते-बिलखते पीड़ित परिवार
HighLights
कटिहार के बुद्ध नगर में भीषण अग्निकांड की घटना।
दस परिवारों के घर और मखाना पूंजी जलकर राख।
बेघर हुए परिवारों को तत्काल प्रशासनिक सहायता की दरकार।
संवाद सूत्र, पोठिया (कटिहार)। जिंदगी कब और किस मोड़ पर परीक्षा ले ले, इसका कोई भरोसा नहीं है। वर्षों के कड़े परिश्रम से भविष्य के सपने संजोने वाले परिवारों पर सोमवार की संध्या एक ऐसी आफत टूटी कि सब कुछ देखते ही देखते आग की भेंट चढ़ गया।
फलका प्रखंड अंतर्गत भंगहा पंचायत के वार्ड संख्या दो, बुद्ध नगर में हुई एक भीषण अग्निकांड की घटना ने न केवल 10 परिवारों के आशियाने को जलाकर खाक कर दिया, बल्कि उनकी वर्षों की कमाई और उम्मीदों को भी छीन लिया।
वर्तमान स्थिति यह है कि सर्वस्व गंवा चुके इन पीड़ित परिवारों के समक्ष अब सिर छुपाने के लिए केवल आसमान ही सहारा बचा है। इसके साथ ही, उनके सामने दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने की भी बड़ी चिंता आन खड़ी हुई है। दिन की चिलचिलाती धूप और रात के समय बढ़ रही गुलाबी ठंड ने इन बेघर परिवारों का जीना मुहाल कर दिया है।
खून-पसीने की कमाई और मखाना बेचकर जोड़े गए पैसे भी जले
पीड़ित उपेंद्र महलदार की पत्नी तेतरी देवी एवं सिकंदर महलदार की पत्नी ने मखाना बेचकर और मजदूरी कर घर बनाने के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों के लिए पैसे सहेज कर रखे थे। लेकिन आग की लपटों ने उनकी इस खून-पसीने की गाढ़ी कमाई को भी पलभर में राख बना दिया।

तेतरी देवी और प्रमिला देवी समेत अन्य महिलाओं के क्रंदन और रोने की चीखों से पूरे मोहल्ले का माहौल बेहद गमगीन हो गया। पीड़ित परिवार बस यही दोहरा रहे थे कि अब इस बर्बादी के बाद दोबारा जिंदगी को पटरी पर लाना उनके लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है।
इन 10 परिवारों का सबकुछ हुआ तबाह
यह आगजनी केवल एक-दो घरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने आसपास के कुल 10 परिवारों को तबाह कर दिया। इस दर्दनाक हादसे में निम्नलिखित लोगों के घर और सारा सामान जलकर राख हो गया:
उपेंद्र महलदार
सिकंदर महलदार
उषा देवी
धर्मेंद्र कुमार
भोला शर्मा
गौतम शर्मा
मिथिलेश शर्मा
मंटू शर्मा
अरविंद कुमार शर्मा
देवेंद्र कुमार
फिलहाल सभी पीड़ित परिवारों को तत्काल प्रशासनिक सहायता, खाने-पीने की व्यवस्था और पुनर्वास के लिए फौरी मदद की सख्त दरकार है ताकि इस आपदा की घड़ी में उन्हें कुछ राहत मिल सके।
यह भी पढ़ें- कटिहार में बाढ़ ने बदली खेती की तस्वीर, कलाई छोड़ 100 एकड़ में मिश्रीकंद उगा रहे किसान, अब मुनाफे की उम्मीद
