विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सेना के नाम पर नोटिस से कटिहार में फैली सनसनी, घर-दुकान खाली करने का मिला था फरमान, DM-SP ने खोला सच

Published: Sat, 31 Oct 2026 08:23 PM (IST)

Fake Army Notice in Katihar: कटिहार में भारतीय सेना के नाम पर एक फर्जी नोटिस वायरल हुआ, जिसमें सिरसा दालान ...और पढ़ें

Fake Army Notice in Katihar: कटिहार समाहरणालय जहां डीएम आशुतोष द्विवेदी ने सेना के नाम से इंटरनेट मीडिया पर वायरल फर्जी नोटिस का खंडन करते हुए स्थिति स्पष्ट की

Fake Army Notice in Katihar: कटिहार समाहरणालय जहां डीएम आशुतोष द्विवेदी ने सेना के नाम से इंटरनेट मीडिया पर वायरल फर्जी नोटिस का खंडन करते हुए स्थिति स्पष्ट की

HighLights

  1. कटिहार में सेना के नाम पर फर्जी नोटिस वायरल।

  2. सिरसा दालान क्षेत्र खाली करने का निर्देश था।

  3. डीएम-एसपी ने नोटिस को जाली घोषित किया।

संवाद सहयोगी, कटिहार। Fake Army Notice in Katihar: भारतीय सेना के नाम का दुरुपयोग कर तैयार किए गए एक कथित और भ्रामक नोटिस ने शनिवार को कटिहार शहर में भारी सनसनी और हड़कंप मचा दिया। इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे इस पत्र में सामरिक व सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शहर के सिरसा दालान इलाके को तत्काल खाली करने का निर्देश दिया गया था।

हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जब जिला प्रशासन ने सैन्य अधिकारियों से संपर्क साधा, तो यह पत्र पूरी तरह फर्जी और जाली साबित हुआ। प्रशासनिक स्पष्टीकरण के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। वायरल पत्र में आधिकारिक भाषा और सेना के प्रारूप की नकल कर मकान, दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और सड़कें हटाने का फरमान जारी किया गया था।

इस कारण आम नागरिक इसे वास्तविक आदेश समझकर भयभीत हो गए। हालांकि, स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब शहरवासियों के जेहन में यह सवाल कौंध रहा है कि संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र के पास सेना के नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने के पीछे किस असामाजिक तत्व की क्या दुर्भावनापूर्ण मंशा हो सकती है।

जबरन बेदखली और बुलडोजर कार्रवाई की दी गई थी चेतावनी

कथित नोटिस में सिरसा दालान स्थित टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के समीप का एक अज्ञात पता दर्ज था। इसमें 'एनके माजी' नामक व्यक्ति को संबोधित करते हुए पूरे क्षेत्र के निवासियों को तत्काल अपने आवास खाली करने और सामान समेटने की हिदायत दी गई थी। पत्र में सख्त लहजे में यह चेतावनी भी चस्पा की गई थी कि यदि आदेश का अनुपालन नहीं किया गया, तो प्रशासन व सेना द्वारा जबरन बेदखली की जाएगी, इमारतों को ध्वस्त कर दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी कर्नल के हस्ताक्षर, डीएम-एसपी को प्रति भेजने का स्वांग

इस जाली दस्तावेज को प्रामाणिक दिखाने के लिए इसमें 'सेना मुख्यालय के ऑपरेशनल जोन, भारत' का उल्लेख किया गया था। पत्र के निचले हिस्से में 'ऑपरेशंस ऑफिसर' के रूप में कथित 'कर्नल आर.एस. ठाकुर' का नाम और जाली हस्ताक्षर अंकित किए गए थे।

इतना ही नहीं, भ्रम को पुख्ता करने के लिए पत्र की प्रतिलिपि कटिहार के जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और स्थानीय निकाय को प्रेषित करने का भी उल्लेख था। समाचार की पड़ताल के दौरान जब मौके पर जाकर देखा गया, तो पत्र में दर्ज नाम और पते का कोई अस्तित्व सिरसा दालान क्षेत्र में नहीं मिला।

डीएम और एसपी ने दूर किया भ्रम, पत्र को बताया पूरी तरह मनगढ़ंत

मामले की गंभीरता पर पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने स्पष्ट किया कि जिला पुलिस को सेना या रक्षा मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई पत्र या निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थापित रिहायशी इलाके को इस तरह अचानक या किसी पत्र के माध्यम से खाली नहीं कराया जा सकता। वहीं, जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने स्थिति साफ करते हुए नागरिकों के उहापोह का पटाक्षेप कर दिया। डीएम ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर चल रहा यह पत्र पूरी तरह से जाली और फर्जी है।

उन्होंने स्वयं भारतीय सेना के स्टेशन कमांडर से संपर्क किया और सिलीगुड़ी में तैनात कर्नल से भी व्यक्तिगत स्तर पर इसकी पुष्टि की। दोनों सैन्य अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से नकार दिया कि सेना की ओर से ऐसा कोई पत्र निर्गत किया गया है। डीएम ने कहा कि पत्र की संरचना, भाषा और उसमें उल्लिखित पदनाम पूरी तरह गैर-आधिकारिक हैं। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि यह फर्जी पत्र कहां से प्रसारित हुआ ताकि दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।