कटिहार। आजमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से महज 100 मीटर की दूरी पर संचालित जीवन ज्योति चिकित्सालय नामक नर्सिंग होम पर जिला प्रशासन द्वारा गठित विशेष टीम द्वारा की गई छापेमारी में कई ऐसे तथ्य मिले हैं, जिससे नर्सिंग होम पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। बता दें कि टीम द्वारा नर्सिंग होम के संचालक से आवश्यक कागजात की मांग की गई थी, परंतु संचालक द्वारा कागजात नहीं दिखाया जा सका था। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी आजमनगर फैजूर रहमान ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से कम से कम एक किलोमीटर की दूरी पर नर्सिंग होम रहना चाहिए। ऐसा स्वास्थ्य विभाग के नियमावली में शामिल है। परंतु यहां ऐसा नहीं है। साथ ही जीवन ज्योति चिकित्सालय के संचालकों द्वारा माधेपुर दरभंगा का कागजात दिखाया जा रहा है, जो सीधे तौर पर कहा जाए तो नर्सिंगहोम गलत तरीके से चलाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निकट रहने से स्वास्थ्य केंद्र के अधिकतर गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल की आशाओं की मिली भगत से जीवन ज्योति चिकित्सालय में भर्ती कराया जाता है। जहां मरीजों का जमकर आर्थिक शोषण होता है। वही जीवन ज्योति चिकित्सालय में भर्ती किए गए अमीषा खातून आदि सहित दर्जनों महिलाओं ने गठित टीम के अधिकारियों को बताया कि केवल बच्चा यीशु के लिए सबों से 24-24 हजार रूपये लिए जाते हैं। टीम द्वार कई बिन्दुओं पर गहराई से जांच भी की जा रही है। साथ ही एक-दो दिनों में इसकी रिर्पोट भी सीएस को दे दिए जाने की संभावना है।

Posted By: Jagran