जिले में 22 मई से 31 मई तक बाहर से घर लौटने पर स्क्रीनिग के बाद होम क्वारंटाइन किए गए लोगों के स्वास्थ्य की जांच कराई जा रही है। 29 मई से चार जून तक विभिन्न प्रखंडों के होम क्वारंटाइन लोगों में से 7616 लोगों कीे स्वास्थ्य की जांच विभाग द्वारा नियुक्त किए गए पर्यवेक्षकों द्वारा की गई। इसमें से सात संदिग्ध पाए गए। एक बाहर से आए व्यक्ति के घर का व्यक्ति भी संदिग्ध पाया गया। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आठों लोगों को संबंधित प्रखंड के क्वारंटाइन केंद्र में भर्ती कराया गया। इसमें से चार का सैंपल पटना भेजा चुका है। शेष के सैंपल शुक्रवार को भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी। सरकार से मिले निर्देश के अनुसार जिले के होम क्वारंटाइन व प्रखंड क्वारंटाइन केंद्र पर प्रतिदिन 90 लोगों के सैंपल लेकर जांच को भेजने की प्रक्रिया चल रही है। सिविल सर्जन डॉ अरूण कुमार तिवारी के नेतृत्व में अब तक मोहनियां, रामगढ, नुआंव व भगवानपुर में यह कार्य संपन्न किया गया है। शुक्रवार को चांद प्रखंड में सैंपलिग का कार्य किया जा रहा था। सिविल सर्जन ने बताया कि सरकार के निर्देश के आलोक में यह कार्य सभी प्रखंडों में किया जाएगा। जिससे जिले में अन्य प्रदेश से लौटे लोगों के स्वास्थ्य की मुकम्मल जानकारी हो सके। उन्होंने कहा कि जिन प्रखंडों में सैंपलिग का कार्य हो चुका है अगर वहां का कोई व्यक्ति सैंपलिग से वंचित रह गया हो तो वह अपने पीएचसी प्रभारी से मिल कर उनके सुझाव के अनुसार टीम के लोगों से संपर्क कर अपनी सैंपल दे सकता है। प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य की 14 दिन तक निगरानी करने का उद्देश्य बाहर से घर लौटे लोगों का समुचित देखभाल व आश्यकतानुसार उनका इलाज कराना है। ज्ञात रहे कि चार जून तक की रिपोर्ट के अनुसार कुल 92 कोरोना पॉजिटिव जिले में मिल चुके है। आइसोलेशन वार्ड में रखने व जरूरी एहतियात बरतने के बाद दूसरी बार जांच के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर अब तक 57 लोग अब तक स्वस्थ होने पर घर भेजे जा चुके है।

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