कैमूर की धरती हमेशा खिलाड़ियों की उपज देती रही है। जिसकी बदौलत देश से लेकर एशिया महादेश में भी रामगढ़ का डंका बजा है। अब नई शुरुआत क्रिकेट जगत में होने जा रही है। यह कारनामा रामगढ़ के डरवन का लाल शशांक ने कर दिखाया है। पिता डॉ. संजय उपाध्याय यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर व चाचा एमके उपाध्याय बड़े डॉक्टर है। शशांक अब क्रिकेटर बन बिहार का नाम रोशन करेगा।

दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई कर रहे होनहार छात्र शशांक ने दूसरे ही प्रयास में अंडर 19 बिहार क्रिकेट टीम में स्थान पक्की कर इतिहास रचने को बेताब है। रामगढ़ के इस युवा विकेट कीपर का चयन बिहार क्रिकेट टीम में होने की घोषणा से खेल प्रेमियों में एक नई आश जगा दी है। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने 26 सितंबर को बिहार अंडर-19 क्रिकेट टीम के लिए घोषित 15 सदस्यीय टीम में शंशाक को बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज शामिल किया है। जो कैमूर के लिए गौरव की बात है। फिलहाल शशांक एक अक्टूबर से असम के गुवाहाटी में आयोजित वीनू माकंड ट्राफी में हिस्सा लेंगे। शशांक उपाध्याय थाना क्षेत्र के डरवन गांव के हैं। वह कैमूर टीम की ओर से अंतर जिला क्रिकेट प्रतियोगिता में भी पूर्व में हिस्सा ले चुका है। स्वभाव से बेहद विनम्र शशांक ने बचपन से ही क्रिकेट में कैरियर बनाने की ठान चुका था। गेंद व बल्ले से अभ्यास करना उसके स्वभाव में शामिल हो गया। बगैर किसी कोच व प्रशिक्षक के इस खिलाड़ी ने यूपी के प्रयाग से इस क्रिकेट खेल में पसीना बहाता रहा और आखिरकार मेहनत रंग लाई और 26 सितंबर को राष्ट्रीय चयनकर्ता राकेश पारिख और ज्ञानेंद्र पांडेय ने शशांक के नाम पर जब मुहर लगाया तो साथी खिलाड़ियों में जोश जग गया। बाद में चयनकर्ताओं ने 15 सदस्यीय बिहार टीम की घोषणा भी कर दी है।

Posted By: Jagran

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