कैमूर। कोरोना महामारी का प्रकोप काफी बढ़ गया है। इसकी जानकारी शहर ही नहीं सुदूर क्षेत्र के गांवों में रहने वाले लोगों को भी अच्छी तरह से है। फिर भी लोग सतर्कता नहीं बरत रहे यह एक गंभीर विषय है। जबकि लोगों को स्वयं जागरूक होना होगा। प्रशासन की सख्ती पर घर जाने या मास्क लगाने और भीड़ से दूरी बनाने का दिखावा करना जान को खतरा में डाल सकता है। इसलिए जरूरी है लोग अपने जीवन की सुरक्षा के लिए खुद जागरूक हों। यदि लोग जागरूक होकर लॉकडाउन के गाइडलाइन का पालन करेंगे तो प्रशासन को भी राहत मिलेगी और प्रशासन जो ध्यान गाइडलाइन का अनुपालन कराने में लगाएगा वह मरीजों के इलाज की व्यवस्था में लगेगा तो कई लोगों की जान बच सकती है।

प्रशासन के द्वारा लगातार लोगों से यह अपील की जा रही है कि लोग बिना किसी कारण के घर से बाहर न निकलें। यदि ऐसी जरूरत आए तो मास्क पहन कर ही निकलें और जहां भी रहें शारीरिक दूरी का पालन करें। भीड़ में जाने से बचें। लेकिन लोगों पर इसका कुछ असर नहीं दिख रहा। भभुआ नगर में सात बजे से लेकर 11 बजे तक लोगों की भीड़ देख कर ऐसा लग रहा है जैसे कोरोना का लोगों में कोई डर ही नहीं। लोग दुकानों पर भीड़ लगा रहे हैं, बेवजह बाहर घूम रहे हैं। यह ठीक नहीं, कोरोना से बचाव के लिए लोगों को स्वयं सतर्क होना होगा। कहीं भीड़ में जाना और थोड़ी भी लापरवाही जान को खतरा में डाल सकती है।

सख्ती के बाद भी बाजार में दिख रही लापरवाही :

लॉकडाउन के दूसरे दिन यानी गुरुवार से प्रशासन सख्त हुआ है। तीसरे दिन शुक्रवार को प्रशासन ने कार्रवाई भी की। लेकिन कार्रवाई का डर भी लोगों में नहीं दिख रहा। लोग सुबह सात बजे घर से निकल ही रहें हैं और 11 बजे तक बाजार में भीड़ का नजारा देखने को मिल रहा है। इसके चलते कोरोना संक्रमण को रोकना कैमूर जिले में प्रशासन के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य होते जा रहा है। बीते दो दिनों से प्रशासन द्वारा बिना कार्य के वाहन लेकर निकले लोगों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी कई लोग वाहन लेकर घूमने निकल रहे हैं। जब प्रशासन या पुलिस को देख रहे हैं तो वाहन मुड़ा कर तेजी से भाग रहे हैं। जबकि लोगों को यह खुद समझना चाहिए कि प्रशासन यह उनके जीवन के लिए ही कर रहा है।