कैमूर। उच्चतम न्यायालय के आदेश के आलोक में उच्च न्यायालय के माध्यम से विधिक सेवा प्राधिकार के स्तर से दिए गए निर्देशानुसार बुधवार को जिला जज के कार्यालय प्रकोष्ठ में न्यायिक पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विधिक प्राधिकार के अध्यक्ष संपूर्णानंद तिवारी ने की। समीक्षा बैठक में मंडलकारा में बंद विचाराधीन व सजायाफ्ता बंदियों के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। साथ ही कोरोना वायरस के प्रभाव से बचाने के लिए जेल अधीक्षक को बंदियों के बीच हर हाल में शारीरिक दूरी बनाए रखने की व्यवस्था को बनाए रखने का निर्देश दिया गया। जिला जज ने कारा में आने वाले नए बंदियों की जांच के बाद उन्हें जेल में बने विशेष वार्ड में कुछ दिन रखकर उसके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी कराते रहने का भी निर्देश दिया।

मंडल कारा के बंदियों को हाथ धोने के लिए साबुन या हैंडवाश उपलब्ध कराने के साथ- साथ वे हाथ धो रहे है कि नहीं इसकी भी निगरानी कराते रहने का निर्देश दिया गया। साथ ही वार्डों की नियमित केमिकल द्वारा धुलाई कराते रहने की बात कही गई। बैठक में दैनिक मजदूर व गरीबों को लॉकडाउन के चलते कार्य न मिलने से उनके समक्ष उत्पन्न हो रही भोजन की समस्या के सवाल पर जिलाधिकारी ने जिला जज को बताया कि उन्हें खाद्यान्न व एक हजार रुपये दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिले में किसी भी भूख से मरने नहीं दिया जाएगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने वर्तमान समय में चिकित्सकों व पत्रकारों की निष्काम सेवा को साधुवाद देते हुए जिले के सभी प्रबुद्ध नागरिकों से अपने आसपास के गरीब लोगों की मदद करने की अपील की। साथ ही कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार आमजन की किसी भी अनिवार्य समस्या के समाधान के लिए कटिबद्ध है।

इस संबंध में मात्र जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय से संपर्क करने की आवश्यकता है। बैठक में कई न्यायिक पदाधिकारी के साथ जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी, एएसपी अनंत राय व जेल अधीक्षक मनोज कुमार आदि शामिल थे।

Posted By: Jagran

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