जमुई। रविवार को बटिया बाजार स्थित काली मंदिर के समीप शुरू हुए दो दिवसीय जिला संतमत सत्संग का 29वां वार्षिक अधिवेशन सोमवार की शाम संपन्न हो गया। इस मौके पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन सत्संग के प्रति असीम आस्था को प्रदर्शित कर रहा था। सोमवार को प्रात:कालीन सत्र में स्वामी भागीरथ महाराज ने स्पष्ट किया कि सत्य का संग सत्संग है। सत्पुरुषों का संग, परमात्मा का संग ही सत्संग है। परमात्मा के स्वरुप को जाने बिना उनकी आराधना, उपासना, साधना व प्रार्थना करना व्यर्थ है। ई‌र्श्वर के स्वरूप के बारे में जानने का सत्संग ही एकमात्र माध्यम है। उन्होंने कहा कि मानव इस दुनिया में सुंदर शरीर के साथ आता है लेकिन अंतिम यात्रा में वह शरीर को भी साथ नहीं ले जा सकता। अत: ई‌र्श्वर के स्वरूप को जानने के लिए संतो का संग आवश्यक है। इसी से मानव जीवन को मोक्ष की प्राप्ति होती है। सोमवार को प्रात:कालीन व सायंकालीन सत्र में प्रवचन, आरती व भजनों द्वारा सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज के आध्यात्मिक संदेशों को वहां उपस्थित संतो ने भक्तों के बीच प्रचारित-प्रसारित किया। इस मौके पर स्वामी विवेकानंद महाराज, नरेशानंद महाराज, गुरुनंदन महाराज, नंदन बाबा, बालानंद बाबा आदि ने भी ई‌र्श्वर की महिमा व मानव जीवन की सार्थकता पर प्रकाश डाला। इस मौके पर ओंकारनाथ वर्णवाल, दीनदयाल बर्णवाल, कपिल देव प्रसाद माथुरी, प्रसिद्ध भजन गायक बनारसी राम, पवित्र पंडित सहित बटिया और जिले के तमाम क्षेत्रों से आए भक्तजन उपस्थित थे।

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