वेस्ट टू वेल्थ का शानदार मॉडल! सिमुलतला विद्यालय में छात्रों ने तैयार की जैविक खाद, प्राचार्य बोले- अरे वाह...
Simultala Awasiya Vidyalaya Vermicompost Project: जमुई के सिमुलतला आवासीय विद्यालय के छात्रों ने वैज्ञानिक तकनीक से शुद्ध जैविक वर्मी कंपोस्ट ...और पढ़ें

Simultala Awasiya Vidyalaya Vermicompost Project: सिमुलतला आवासीय विद्यालय के छात्रों ने तैयार की जैविक केंचुआ खाद।
HighLights
सिमुलतला छात्रों ने वैज्ञानिक विधि से जैविक खाद बनाई।
विद्यालय के बगीचे अब रासायनिक उर्वरकों से मुक्त होंगे।
यह 'वेस्ट टू वेल्थ' अवधारणा का जीवंत उदाहरण है।
संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। Simultala Awasiya Vidyalaya Vermicompost Project: जब किताबी ज्ञान को प्रयोगात्मक नवाचार और वैज्ञानिक सोच से जोड़ा जाता है, तो उसके परिणाम न केवल प्रेरणादायक होते हैं बल्कि समाज और प्रकृति के लिए भी मिसाल बनते हैं। ऐसा ही उत्कृष्ट कार्य जमुई जिले के सिमुलतला आवासीय विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं ने कर दिखाया है।
अपनी वैज्ञानिक जिज्ञासा और पर्यावरण के प्रति गहरे सरोकार का परिचय देते हुए विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में ही वैज्ञानिक तकनीक से शुद्ध जैविक ‘वर्मी कंपोस्ट’ (केंचुआ खाद) तैयार कर एक नई इबारत लिख दी है।
रासायनिक खादों से मुक्त होगा विद्यालय का बगीचा
छात्रों के इस सफल नवाचार के बाद अब सिमुलतला विद्यालय प्रांगण के हरे-भरे पेड़-पौधे, पुष्प वाटिकाएं और फलदार बगीचे किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरकों के मोहताज नहीं रहेंगे। अब परिसर की वनस्पतियों को पोषण विद्यार्थियों के नन्हे हाथों से तैयार पूरी तरह प्राकृतिक, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद से प्राप्त होगा। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी दीर्घकाल तक सुरक्षित रहेगी।
जीव विज्ञान शिक्षक केदर्शन में सीखा कचरा प्रबंधन
यह संपूर्ण नवाचारी परियोजना विद्यालय के जीव विज्ञान शिक्षक डॉ. राहुल नयन के कुशल तकनीकी मार्गदर्शन में पूरी हुई। डॉ. नयन के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने केंचुआ खाद बनाने की सूक्ष्म तकनीकों को समझा और जैविक कचरा प्रबंधन, केंचुओं के संरक्षण व पारिस्थितिक संतुलन जैसे विषयों को धरातल पर उतारा।
छात्रों ने परिसर में बिखरी सूखी पत्तियों, भोजनालय/रसोई से निकलने वाले जैविक कचरे और गोबर को वैज्ञानिक रूप से उपचारित कर यह प्रमाणित कर दिया कि सही दिशा और निष्ठा से व्यर्थ समझी जाने वाली चीजों से भी अनमोल संपदा तैयार की जा सकती है।
'कचरे से कंचन' का उत्कृष्ट उदाहरण : प्राचार्य
विद्यार्थियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय के प्राचार्य शुभम शेखर ने कहा कि सिमुलतला का मूल ध्येय बच्चों को मात्र सैद्धांतिक व किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, नवाचारी और पर्यावरण-हितैषी नागरिक बनाना है।
उन्होंने कहा कि डॉ. राहुल नयन के मार्गदर्शन में बच्चों की यह सफलता ‘वेस्ट टू वेल्थ’ (कचरे से कंचन) की अवधारणा का जीवंत उदाहरण है। रासायनिक उर्वरकों से मुक्ति की यह पहल छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक दायित्व की भावना को और प्रगाढ़ करेगी।
इस अवसर पर पुस्तकालयाध्यक्ष राकेश पांडेय सहित विद्यालय के तमाम शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने उपस्थित होकर छात्रों का उत्साहवर्धन किया और इस पर्यावरण-अनुकूल मॉडल को अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी अनुकरणीय बताया।
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