सिमुलतला में बारिश से 35 साल पुराना सामुदायिक भवन ढहा; मलबे में दबी महिला को ग्रामीणों ने बचाया, बछड़े की मौत
Jamui Simultala Old Community Building Collapse: जमुई के सिमुलतला स्थित नागवे गांव में भारी बारिश के कारण 35 साल पुराना ...और पढ़ें

Jamui Simultala Old Community Building Collapse: सिमुलतला में भरभराकर गिरा जर्जर सामुदायिक भवन।
HighLights
सिमुलतला में 35 साल पुराना सामुदायिक भवन बारिश से ढहा।
मलबे में दबी महिला को ग्रामीणों और पुलिस ने बचाया।
हादसे में एक बछड़े की मौत, दो गायें घायल हुईं।
संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। Jamui Simultala Old Community Building Collapse: आपदा और गंभीर संकट के समय जब उम्मीदें टूटने लगती हैं, तब इंसानियत, साहस और एकजुटता ही जीवन रक्षक बनकर सामने आती है। गुरुवार दोपहर जमुई जिले के सिमुलतला थाना क्षेत्र अंतर्गत नागवे गांव में ऐसा ही रूह कंपा देने वाला मंजर देखने को मिला।
पैक्स गोदाम के समीप स्थित करीब 30 से 35 वर्ष पुराना एक जर्जर सामुदायिक भवन पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर जमींदोज हो गया। भारी-भरकम मलबे के नीचे गांव की 45 वर्षीय महिला भुनवा देवी और उनके तीन मवेशी दब गए। चीख-पुकार मचते ही ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए राहत और बचाव का मोर्चा संभाला और एक्सकेवेटर (जेसीबी) के सहयोग से मलबा हटाकर महिला को चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना के समय मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया था। मलबे के भारी पत्थरों और कंक्रीट के नीचे दबी महिला की सांसें उखड़ रही थीं, लेकिन ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए हाथ और मशीन दोनों से मलबा हटाना शुरू किया। इसी बीच सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई।
पुलिस जवानों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से महिला को गंभीर हालत में मलबे से बाहर खींच लिया गया। पुलिस वाहन से त्वरित रूप से घायल भुनवा देवी को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), झाझा भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है।
मलबे में दबने से बछड़े की मौत, दो गायें घायल
इस हृदयविदारक हादसे में मलबे में दबने के कारण एक बछड़े ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो दुधारू गायें गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। घायल महिला के पति टेकलाल यादव ने नम आंखों से बताया कि वे लोग मवेशियों की सुरक्षा के लिहाज से बीते करीब दस वर्षों से इस परिसर में पशुओं को बांधते आ रहे थे। उन्हें अंदेशा नहीं था कि जर्जर दीवारें इस कदर काल बनकर गिर पड़ेंगी।
निर्माण के समय से ही सवालों के घेरे में था भवन
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, करीब तीन दशक पूर्व जब इस सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया था, तभी इसकी घटिया निर्माण सामग्री और लचर गुणवत्ता को लेकर भारी असंतोष था। उस दौरान ढलाई के समय भी दीवार गिरने जैसी गंभीर खामियां उजागर हुई थीं। लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने इस कमजोर ढांचे की नींव को पूरी तरह खोखला कर दिया था। दो दिन पहले ही भवन की एक प्रमुख दीवार खतरनाक रूप से आगे की ओर झुक गई थी, जो आखिरकार गुरुवार को ढह गई।
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चबूतरे की छत भी जर्जर, सतर्कता बरतने की अपील
नागवे गांव में ही पास स्थित एक अन्य छायादार सार्वजनिक चबूतरे की छत भी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बारिश के कारण उसकी सीलिंग से लगातार पानी टपक रहा है, जिससे भविष्य में किसी अन्य बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
नागवे भवन हादसा: मुख्य तथ्य
घटनास्थल: पैक्स गोदाम के समीप, नागवे गांव, सिमुलतला थाना (जमुई)।
हादसे का शिकार: 45 वर्षीय भुनवा देवी (पति- टेकलाल यादव)।
भवन की स्थिति: लगभग 30 से 35 वर्ष पुराना, निर्माण काल से ही गुणवत्ता विहीन व जर्जर।
मवेशियों को नुकसान: 1 बछड़े की मलबे में दबकर मौत, 2 गायें गंभीर रूप से घायल।
अस्पताल: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), झाझा में उपचार जारी।
यह घटना पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। बरसात के इस मौसम में पुराने, उपेक्षित और सीलन भरे कमजोर ढांचों के नीचे बैठना या मवेशियों को बांधना जानलेवा साबित हो सकता है। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए ग्रामीणों को ऐसे चिह्नित जर्जर भवनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और इसकी जानकारी अविलंब स्थानीय पंचायत व प्रशासनिक अधिकारियों को देनी चाहिए, ताकि इन्हें समय रहते ध्वस्त या दुरुस्त कराया जा सके।
