'नीतीश के नाम पर वोट, सम्राट चौधरी को कुर्सी'; जमुई में प्रशांत किशोर ने NDA पर बोला हमला
प्रशांत किशोर ने जमुई में स्नातक चुनाव को लेकर एनडीए पर निशाना साधा, कहा यह सरकार को जवाबदेह बनाने का ...और पढ़ें
HighLights
स्नातक चुनाव सरकार को जवाबदेह बनाने का अवसर।
नीतीश कुमार की अनुपस्थिति, सम्राट चौधरी पर साधा निशाना।
प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल।
संवाद सहयोगी, जमुई। जनसुरज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि 23 अक्टूबर को होने वाला स्नातक निर्वाचन सरकार बनाने या गिराने का चुनाव नहीं है। यह चुनाव मौजूदा सरकार और व्यवस्था को जवाबदेह बनाने का अवसर है।
उन्होंने एनडीए समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि एनडीए के पास 202 विधायकों वाली सरकार है, जो अगले चार साल तक बनी रहेगी। ऐसे में यह चुनाव सरकार बदलने के लिए नहीं, बल्कि उसे जवाबदेह बनाने के लिए है।
उन्होंने कहा कि यदि लोग सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं करते हैं तो एनडीए प्रत्याशी के खिलाफ मतदान कर दिल्ली तक संदेश पहुंचाया जा सकता है।
पीके शुक्रवार को जमुई में कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी प्रत्याशी रजनीश रंजन के पक्ष में आयोजित जनसभा को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे रहे थे।
उन्होंने कहा कि जब 15 वर्षों से लगातार जीत रहे एनके यादव जैसे नेता को जनता हराएगी तो इसका असर सभी विधायकों और सांसदों पर पड़ेगा। उनके मन में जनता के प्रति जवाबदेही का डर पैदा होगा।
प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षकों, वित्त रहित शिक्षकों और स्नातक बेरोजगारों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में केवल जाति और पांच किलो अनाज के नाम पर वोट नहीं मिलेगा।
सम्राट चौधरी के राम मंदिर संबंधी बयान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 400 वर्षों से राम को बेघर बताना और यह कहना कि मोदी जी ने उन्हें घर दिया, अहंकार की पराकाष्ठा है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव अंतिम दौर में है, लेकिन नीतीश कुमार ने एनडीए के किसी प्रत्याशी के समर्थन में अब तक एक शब्द नहीं बोला है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नाम पर वोट लिया गया और बाद में उन्हें हटा दिया गया। आज बिहार में नारों और पोस्टरों से नीतीश कुमार गायब हैं और हर जगह सम्राट चौधरी नजर आ रहे हैं। यह जदयू और भाजपा के बीच असहमति को दर्शाता है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि कोसी में सीधी लड़ाई जन सुराज और एनडीए के बीच है। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह तिरहुत में एनडीए को हराया गया, उसी तरह आठों स्नातक सीटों पर एनडीए को हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कोसी स्नातक सीट से एनके यादव की हार और जन सुराज प्रत्याशी रजनीश कुमार की जीत का दावा किया।
प्रशांत किशोर ने दी दो गारंटी
उन्होंने कहा कि यदि रजनीश कुमार चुनाव जीतते हैं तो जन सुराज कोसी क्षेत्र के 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने की जिम्मेदारी लेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव से पहले सभी शिक्षकों को सातवां वेतनमान नहीं दिला पाए तो जन सुराज वोट मांगने नहीं आएगा।
चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्नातक चुनाव पहले रविवार को होते थे, लेकिन इस बार शुक्रवार को कराया जा रहा है, ताकि मुस्लिम मतदाताओं की भागीदारी कम हो। उन्होंने चुनाव 28 दिन में कराए जाने का भी आरोप लगाया और कहा कि नियम के मुताबिक यह अवधि 30 दिन की है।
उन्होंने विधानसभा चुनाव में कथित तौर पर 10-10 हजार रूपये देकर वोट खरीदने का आरोप भी लगाया और कहा कि आयोग इस मामले में मूकदर्शक बना रहा। प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि मतदान या मतगणना में किसी तरह की हेराफेरी हुई तो जनता सड़क पर उतरकर इसका विरोध करेगी।
