'नदी किनारे झाड़ी में छिपे थे जमुई छेड़छाड़ केस के आरोपी; पुलिस को देख की फायरिंग', SP ने बताई एनकाउंटर की स्टोरी
जमुई के मड़वा पहाड़ इलाके में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ हुई अमानवीय घटना में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
HighLights
जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से अमानवीय घटना के पांच आरोपित गिरफ्तार।
मुख्य आरोपित नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हुआ।
पुलिस नाबालिग पीड़िता का वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी कर रही कार्रवाई।
संवाद सहयोगी, जमुई। सदर थाना क्षेत्र के मड़वा पहाड़ इलाके में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ हुई अमानवीय घटना के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।
पुलिस ने अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो मुख्य आरोपितों को मंगलवार को दबोचा गया। इनमें से हरेराम ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, जबकि नंदन ने घेराबंदी के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दाएं पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। मंगलवार को एसपी विश्वजीत दयाल ने प्रेस वार्ता कर यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सोमवार को तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। मंगलवार सुबह सूचना मिली कि मामले के मुख्य आरोपित नंदन यादव और हरेराम यादव प्रतापपुर गांव के बाहर नदी के समीप झाड़ी में छिपे हुए हैं। एसआइटी ने तत्काल इलाके की घेराबंदी की। पुलिस की घेराबंदी देखकर एक युवक भागने लगा।
भागने के दौरान गिरने के क्रम में उसे चोट लगी और उसका दाया पैर फ्रैक्चर हो गया। जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम हरेराम यादव बताया।
उसी से पूछताछ के आधार पर पुलिस को दूसरे मुख्य आरोपित नंदन यादव के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया। एसपी के अनुसार, पुलिस को देखकर नंदन यादव ने फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया। उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। इस तरह सोमवार को पकड़े गए तीन लोगों और मंगलवार को गिरफ्तार दो मुख्य आरोपितों समेत मामले में अब तक कुल पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
बालू और शराब के अवैध कारोबार से जुड़े रहे हैं आरोपित
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों मुख्य आरोपित बालिग हैं। प्रारंभिक जांच में उनके बालू और शराब के अवैध कारोबार में संलिप्त रहने की जानकारी सामने आई है। दोनों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। पुलिस अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी शिकंजा
घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में भी पुलिस ने अलग से कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी ने स्पष्ट किया कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है। इसी आधार पर साइबर थाना में अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, करीब 120 साइट और प्रोफाइल को इस मामले में चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। जमुई जिले के रामाशीष चौधरी सहित तीन लोगों को वीडियो प्रसारित करने के आरोप में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
एसपी ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़िता से संबंधित वीडियो को न तो खुद प्रसारित करें और न ही किसी अन्य को भेजें। वीडियो साझा करना पीड़िता की पहचान उजागर करने के साथ कानून के तहत गंभीर अपराध बन सकता है।
इस अवसर पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दीप्ति मोनाली, पुलिस निरीक्षक सह सदर थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार, मलयपुर थानायक्ष शेखर सुमन, सदर थाना के पुअनि. विवेक कुमार के अलावा डीआईयू के प्रभारी और जवान उपस्थित थे।
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