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270 करोड़ की कुंडघाट योजना की सड़क धंसी, पटना-भागलपुर की टीम ने की जांच; विभाग बोला- बांध तो ठीक है, लेक‍िन उठे कई सवाल

Published: Mon, 02 Nov 2026 08:07 PM (IST)

Jamui Kundghat Dam Road Cracks: 270 करोड़ की लागत से बनी कुंडघाट जलाशय योजना की सड़क पर उद्घाटन के छह ...और पढ़ें

Jamui Kundghat Dam Road Cracks: जमुई के सिकंदरा स्थित कुंडघाट जलाशय बांध की अप्रोच सड़क पर उभरी दरारें।

Jamui Kundghat Dam Road Cracks: जमुई के सिकंदरा स्थित कुंडघाट जलाशय बांध की अप्रोच सड़क पर उभरी दरारें।

HighLights

  1. कुंडघाट जलाशय की सड़क पर छह माह में आईं दरारें।

  2. 270 करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल।

  3. विभाग ने बांध को सुरक्षित बताया, तकनीकी टीम ने की जांच।

संवाद सूत्र, सिकंदरा (जमुई)। Jamui Kundghat Dam Road Cracks: करीब 270 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार कुंडघाट जलाशय योजना के उद्घाटन के महज छह महीने के भीतर बांध के शीर्ष भाग पर बनी अप्रोच सड़क पर दरारें और धंसाव उभरने का मामला सामने आया है। सड़क की ऊपरी सतह पर जगह-जगह चौड़ी दरारें पड़ने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद जल संसाधन विभाग में हड़कंप मच गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अभियंता (सिंचाई सृजन, भागलपुर) ने राज्य बांध सुरक्षा संगठन को मौके की विस्तृत तकनीकी जांच कराने का निर्देश दिया, जिसके बाद भागलपुर और पटना से पहुंची उच्चस्तरीय तकनीकी टीम ने स्थल का सघन निरीक्षण किया।

गौरतलब है कि 18 मार्च 2026 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस महत्वाकांक्षी जलाशय योजना का विधिवत लोकार्पण किया था। उद्घाटन के चंद महीनों के भीतर ही सड़क की बदहाली और दरारें सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं।

Kundghat Dam Road Cracks Bihar Team Investigates rs 270 Cr Project (1)

बांध की संरचनात्मक दरार नहीं

निर्माण की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बीच मुख्य अभियंता मु. सोहेल अहमद अंसारी के निर्देश पर कार्यपालक अभियंता रविशेखर शर्मा ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि सड़क पर दिखाई दे रही दरारें बांध की मुख्य बनावट (संरचनात्मक ढांचे) से संबंधित नहीं हैं। तकनीकी व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार बनाए गए एक्सपेंशन ज्वाइंट के समीप पेवमेंट की ऊपरी सतह पर ये क्रैक आए हैं।

Kundghat Dam Road Cracks Bihar Team Investigates rs 270 Cr Project (2)

एक्सपेंशन ज्वाइंट का असर: कार्यपालक अभियंता

उन्होंने दावा किया कि कुंडघाट बांध पूरी तरह सुरक्षित है और इसके मुख्य ढांचे को कोई खतरा नहीं है। नव-निर्मित संरचनाओं के शुरुआती दौर में भारी वाहनों के लगातार आवागमन से मिट्टी का बैठना (सेटलमेंट) एक सामान्य इंजीनियरिंग प्रक्रिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे निरीक्षण के दौरान बांध या सड़क के किसी भी हिस्से में पानी के रिसाव (सीपेज) का कोई संकेत नहीं मिला है।

Kundghat Dam Road Cracks Bihar Team Investigates rs 270 Cr Project

पटना की संयुक्त टीम ने परखी स्थिति, अंतिम तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार

स्थलीय जांच के लिए गठित संयुक्त दल में जल संसाधन विभाग के केंद्रीय रूपांकन कार्यालय के अधीक्षण अभियंता, राज्य बांध सुरक्षा संगठन के निदेशक व कार्यपालक अभियंता तथा मॉनिटरिंग प्रभाग के वरिष्ठ अभियंता शामिल थे। टीम ने सड़क की सतह, ढलानों और जोड़ों की बारीकी से जांच की।

हालांकि, पटना से पहुंचे दल के सदस्यों ने मौके पर जांच के निष्कर्षों को लेकर सीधे कोई औपचारिक टिप्पणी करने से परहेज किया। ऐसे में स्थानीय लोगों और जानकारों की निगाहें अब मुख्यालय को सौंपी जाने वाली अंतिम तकनीकी जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे दरारों की वास्तविक स्थिति और सुरक्षा मानकों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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