मजदूर की बेटी ने कराटे में फिर जीता गोल्ड! 4 साल में 52 स्वर्ण जीतने वाली बिहार की जूही बनीं 10वीं बार चैंपियन
Juhi Kumari Won Karate Gold Jaipur: जूही कुमारी ने जयपुर में 70वीं जिला स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर ...और पढ़ें

जयपुर में अंडर-17 कराटे प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर 10वीं बार जिला चैंपियन बनीं जमुई के सिमुलतला की जूही कुमारी।
HighLights
जूही कुमारी ने जयपुर में कराटे में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।
वह लगातार 10वीं बार जयपुर डिस्ट्रिक्ट चैंपियन बनीं, बड़ी उपलब्धि।
मजदूर की बेटी ने 4 साल में 52 स्वर्ण सहित 75 पदक जीते।
संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। Juhi Kumari Won Karate Gold Jaipur: प्रतिभा किसी आर्थिक तंगी या संसाधनों की मोहताज नहीं होती, इसे एक बार फिर साबित कर दिखाया है जमुई जिले के सिमुलतला क्षेत्र अंतर्गत खुरंडा गांव की होनहार बेटी जूही कुमारी ने।
जयपुर में आयोजित प्रतिष्ठित 70वीं तीन दिवसीय जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में कराटे चैंपियन जूही ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) पर कब्जा जमाया है।
4 वर्षों में 52 गोल्ड समेत 75 पदक
जयपुर के गांधी नगर स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के खेल परिसर में आयोजित इस प्रतियोगिता में जूही ने अंडर-17 आयु वर्ग के 36 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिद्वंद्वियों को पटखनी देते हुए पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया।
इस स्वर्णिम जीत के साथ ही जूही ने लगातार 10वीं बार जयपुर डिस्ट्रिक्ट चैंपियन बनने का ऐतिहासिक गौरव अपने नाम कर लिया है। इस शानदार उपलब्धि के आधार पर अब उनका चयन आगामी राज्य स्तरीय कराटे प्रतियोगिता के लिए हो गया है।
मजदूर पिता की संघर्षशील बेटी
जूही की यह सफलता इसलिए भी अद्वितीय है क्योंकि उनका पारिवारिक सफर कड़े संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता मंटू पंडित जयपुर में प्रवासी मजदूर के रूप में दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक तंगियों और अभावों से जूझने के बावजूद जूही ने कभी अपने सपनों से समझौता नहीं किया।
कराटे चैंपियन जूही कुमारी: उपलब्धियां एक नजर में
मूल निवास: ग्राम- खुरंडा, सिमुलतला, जमुई (बिहार)।
पिता का नाम: मंटू पंडित (जयपुर में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं)।
ताजा उपलब्धि: 70वीं तीन दिवसीय जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता (गांधी नगर, जयपुर) में अंडर-17 (36 किग्रा) में स्वर्ण पदक।
जिला रिकॉर्ड: लगातार 10वीं बार जयपुर डिस्ट्रिक्ट चैंपियन।
कुल पदक रिकॉर्ड (4 साल में): कुल 75 पदक (52 स्वर्ण पदक)।
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर: 8 बार स्टेट, 6 बार नेशनल और 2 बार ओपन इंटरनेशनल चैंपियन।
प्रमुख सम्मान: नारी रत्न एवं नारी गौरव राष्ट्रीय सम्मान।
शिक्षा व संस्थागत सहयोग: कक्षा 8वीं की छात्रा (द पैलेस स्कूल), प्रिंसेस दीया कुमारी फाउंडेशन द्वारा खेल संवर्धन।
जयपुर के प्रतिष्ठित 'द पैलेस स्कूल' में आठवीं कक्षा में अध्ययनरत जूही के खेल कौशल को निखारने का जिम्मा 'प्रिंसेस दीया कुमारी फाउंडेशन' ने उठाया है, जिसके संरक्षण में वे आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
महज चार वर्षों के संक्षिप्त खेल सफर में जूही के नाम 52 स्वर्ण पदकों सहित कुल 75 पदक दर्ज हो चुके हैं। वह अब तक आठ बार राज्य (स्टेट), छह बार राष्ट्रीय (नेशनल) और दो बार ओपन इंटरनेशनल स्तर पर चैंपियन का खिताब अपने नाम कर चुकी हैं।
नारी रत्न से सम्मानित हैं जूही, सिमुलतला और खुरंडा गांव में जश्न
खेल जगत में असाधारण प्रदर्शन के लिए जूही कुमारी को पूर्व में राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित 'नारी रत्न' और 'नारी गौरव' सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। जूही की इस ताजा स्वर्णिम उपलब्धि पर उनके मुख्य कोच निर्मल बोहरा, मोहन श्रेष्ठ, श्याम सिंह शेखावत और विद्यालय की प्रधानाध्यापक उर्वशी वर्माण ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
इधर, बिटिया की 10वीं जिला खिताबी जीत की सूचना मिलते ही उनके पैतृक गांव खुरंडा सहित समूचे सिमुलतला और जमुई क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इसे बिहार की माटी का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान बताया है।
