जमुई के झाझा रेल थाने में ड्यूटी विवाद ने पकड़ा तूल, पुलिस और होमगार्ड आमने-सामने
झाझा रेल थाना में पुलिस जवानों और महिला होमगार्डों के बीच ड्यूटी विवाद मारपीट में बदल गया है, जिसमें दोनों ...और पढ़ें

झाझा रेल थाना। फोटो जागरण
HighLights
झाझा रेल थाना में पुलिस-होमगार्ड के बीच ड्यूटी विवाद।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित।
संवाद सूत्र, झाझा (जमुई)। राजकीय रेल थाना झाझा में रेल पुलिस जवानों और महिला होमगार्डों के बीच ड्यूटी को लेकर हुए विवाद और मारपीट का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग एफआइआर दर्ज कराया गया है।
एक मामले में ओडी ड्यूटी में तैनात एसआइ रामाशीष सिंह ने चार महिला होमगार्ड समेत दस अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया है। वहीं, महिला होमगार्ड रानी कुमारी की ओर से दर्ज एफआइआर में पुलिस पदाधिकारी समेत पांच लोगों को आरोपित किया गया है।
दोनों एफआइआर मिलाकर एक पुलिस पदाधिकारी, चार पुलिस जवान और चार महिला होमगार्ड आरोपित बने हैं। रेल थाना परिसर में हुए विवाद को लेकर पुलिस महकमे में भी चर्चा तेज हो गई है। वहीं, मामले पर एसआरपी स्वयं नजर रख रहे हैं।
महिला होमगार्ड रानी कुमारी, पूजा कुमारी, मुस्कान कुमारी एवं शिवानी कुमारी की ओर से दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया कि 8 सितंबर की दोपहर करीब एक बजे ड्यूटी के दौरान सिपाही राहुल कुमार, प्रेमसागर तिवारी, अभिषेक कुमार, महिला सिपाही रेणु कुमारी तथा पुलिस पदाधिकारी रामाशीष सिंह ने उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया कि एक महिला होमगार्ड पर पिस्टल निकालकर लोड कर जान से मारने की कोशिश की गई। इसके बाद उन्हें थाना परिसर से बाहर जाने को कहा गया। महिला होमगार्ड ने बताया कि मारपीट में चोट लगने के बाद सभी इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, झाझा पहुंचीं।
इसके बाद थाने में आवेदन देकर मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की गई। थानाध्यक्ष मधुसूदन पासवान ने बताया कि महिला होमगार्ड के आवेदन के आधार पर पांच लोगों के विरुद्ध मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
वहीं, इससे पहले ओडी ड्यूटी में तैनात पुलिस पदाधिकारी रामाशीष सिंह के आवेदन पर चार महिला होमगार्ड समेत 10 अज्ञात लोगों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट सहित अन्य धाराओं में एफआइआर दर्ज किया गया था।
तीन सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट का इंतजार
मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय टीम ने अभी तक अपनी रिपोर्ट एसआरपी को नहीं सौंपी है। एसआरपी विद्यासागर ने बताया कि दोनों पक्षों के आवेदन के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
