जमुई छेड़खानी कांड: महावीर की जन्मस्थली को शर्मसार कर गया वायरल वीडियो, नाबालिगों की गरिमा हुई तार-तार
जमुई में नाबालिग छात्र-छात्राओं के साथ बदसलूकी का एक वीडियो वायरल होने से भगवान महावीर की जन्मस्थली शर्मसार हुई है।

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
जमुई में नाबालिग छात्र-छात्राओं से बदसलूकी का वीडियो वायरल हुआ।
पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की।
घटना ने नाबालिगों की निजता और जमुई की छवि पर सवाल उठाए।
संवाद सहयोगी, जमुई। भगवान महावीर की जन्मस्थली और अहिंसा के संदेश के लिए पहचाने जाने वाले जमुई को नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ बदसलूकी के प्रसारित वीडियो ने शर्मसार कर दिया है। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया और जांच शुरू हुई।
पुलिस ने वीडियो में दिख रहे आरोपितों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई भी की। लेकिन, घटना के बाद सामने आया वीडियो अब देश भर में चर्चा का विषय बन गया है। लोग इस अमानवीय कृत की तीखी आलोचना कर रहे हैं।
जमुई की पहचान भगवान महावीर की जन्मस्थली के रूप में है। अहिंसा, संयम और करुणा का संदेश देने वाली इस धरती से जुड़ी ऐसी घटना और उसके वीडियो का व्यापक प्रसार जिले की सामाजिक छवि को लेकर भी चिंता पैदा करता है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों में आक्रोश है।
लोग दोषियों पर कठोर कार्रवाई के साथ यह भी मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। वीडियो के प्रसार ने नाबालिगों की निजता और गरिमा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
संवेदनशील घटना से जुड़े इस वीडियो को बिना सोचे-समझे शेयर या फारवर्ड करने से पीड़ित को किस परेशानी से गुजरना हो रहा होगा, यह भी सोचने की बात है। यही कारण है कि प्रशासन की ओर से भी लोगों से संयम बरतने और वीडियो को आगे प्रसारित नहीं करने की अपील की गई है।
खुद डीएम श्री नवीन ने लोगों से आगे वीडियो प्रसारित नहीं करने की बात कह चुके हैं। समाजसेवी भवानंद, नूतन आदि का कहना है कि घटना के दोषियों को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए, लेकिन इसके साथ पीड़ितों की निजता और सम्मान की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है।
महावीर की जन्मस्थली के रूप में जमुई की पहचान शांति, अहिंसा और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ी है। ऐसे में इस घटना के बाद सबसे बड़ी जरूरत यही है कि जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़े और संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों की गरिमा सुरक्षित रखी जाए।
