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टी-शर्ट और ट्राउजर पहनकर अचानक कोचिंग संस्थान पहुंचे जमुई SP विश्वजीत दयाल; बोले- रील्स छोड़ किताबों से करें दोस्ती

Published: Tue, 29 Sep 2026 02:14 PM (IST)

Jamui SP Vishwajeet Dayal Coaching Visit: जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने साधारण वेशभूषा में कोचिंग संस्थानों का औचक दौरा किया ...और पढ़ें

Jamui SP Vishwajeet Dayal Coaching Visit :  बिना वर्दी व सुरक्षा के कोचिंग पहुंचे जमुई एसपी विश्वजीत दयाल

Jamui SP Vishwajeet Dayal Coaching Visit :  बिना वर्दी व सुरक्षा के कोचिंग पहुंचे जमुई एसपी विश्वजीत दयाल

HighLights

  1. एसपी विश्वजीत दयाल ने साधारण वेशभूषा में कोचिंग का दौरा किया।

  2. छात्रों को रील्स से दूर रहकर किताबों से दोस्ती करने को कहा।

  3. साइबर अपराध, महिला सुरक्षा पर जागरूक रहने की प्रेरणा दी।

जागरण संवाददाता, जमुई। Jamui SP Vishwajeet Dayal Coaching Visit : खाकी वर्दी की चमक और अंगरक्षकों के भारी सुरक्षा घेरे से इतर जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल का मंगलवार को एक बेहद संजीदा और अनूठा अंदाज देखने को मिला। मड़वा में हाल ही में घटित शर्मनाक घटना के बाद जिले में संवेदनशीलता और सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से एसपी खुद जमीनी हकीकत जानने सड़कों पर उतरे।

आम नागरिक की तरह साधारण टी-शर्ट और ट्राउजर पहनकर वे अकेले ही शहर के कोचिंग इलाके की गलियों में निकल पड़े। रास्ते में कहीं रुककर आम राहगीरों से बातचीत की, तो कहीं युवाओं से उनका हालचाल जाना। इसी क्रम में वे अचानक एक निजी कोचिंग संस्थान के क्लासरूम में दाखिल हुए और बेंच पर बैठे विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे सीधा संवाद स्थापित किया।

पुलिस कप्तान को इस सादगी भरे अंदाज में अपने बीच पाकर छात्र-छात्राएं पहले तो चौंक गए, लेकिन कुछ ही पलों में संवाद सहज और आत्मीय चर्चा में तब्दील हो गया।

सिर्फ वीडियो न बनाएं, विरोध की हिम्मत जुटाएं

संवाद के दौरान एसपी ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ एक आदर्श नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने छेड़छाड़, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध के बढ़ते खतरों पर विस्तार से चर्चा की। एसपी ने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क या सार्वजनिक स्थान पर किसी अप्रिय घटना को देखकर केवल मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना संवेदनहीनता है। युवाओं को आगे बढ़कर सुरक्षित तरीके से उसका विरोध करने और तत्काल पुलिस तक सूचना पहुंचाने का नैतिक साहस दिखाना होगा।

रील्स से दूरी बनाएं, किताबों से करें दोस्ती

सोशल मीडिया के भटकाव पर चिंता व्यक्त करते हुए एसपी ने विद्यार्थियों से कहा कि युवा अवस्था जीवन का सबसे कीमती दौर है। इसे मोबाइल पर रील्स स्क्रॉल करने में बर्बाद करने के बजाय किताबों से दोस्ती कर ज्ञानार्जन में लगाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने चरित्र और नैतिक मूल्यों को मजबूत बनाना चाहिए। इसके साथ ही असहायों की मदद और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी सजग रहना हर नागरिक का कर्तव्य है।

एसपी के संवाद के 11 प्रमुख सूत्र

  • पढ़ाई और कॅरियर के साथ पहले एक अच्छा व जिम्मेदार नागरिक बनें।

  • सोशल मीडिया और रील्स में वक्त गंवाने के बजाय किताबों से दोस्ती करें।

  • किसी अपराध या छेड़छाड़ को देखकर केवल वीडियो न बनाएं, सुरक्षित रहकर विरोध करें और पुलिस को बताएं।

  • साइबर अपराध के खतरों को समझें और ऑनलाइन सतर्कता बरतें।

  • आपात स्थिति में बेझिझक हेल्पलाइन नंबर 112 और पुलिस दीदी टीम की मदद लें।

  • चरित्र निर्माण को प्राथमिकता दें और जरूरतमंदों की मदद करने की आदत डालें।

  • पर्यावरण और प्रकृति के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनें।

  • जिले की गरिमा बनाए रखें- "जमुई का नाम रोशन करना है, बदनाम नहीं।"

  • असामाजिक तत्वों को सबक सिखाने में पुलिस के साथ मिलकर काम करें।

  • किसी भी घटना की सूचना पुलिस तक पहुंचाने में संकोच या भय न रखें।

  • मजबूत इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ें।

जमुई का नाम करना है, बदनाम नहीं होने देंगे

जिले की छवि को लेकर एसपी ने युवाओं में स्वाभिमान जगाते हुए कहा, “जमुई का एक समृद्ध और ऐतिहासिक गौरव रहा है। हमें जिले का नाम रोशन करना है, इसे बदनाम नहीं होने देना है। चंद असामाजिक तत्वों के गलत कृत्यों से पूरे जिले की पहचान पर दाग नहीं लग सकता। हम और आप मिलकर ऐसे तत्वों को सबक सिखाएंगे।”

उन्होंने छात्राओं और शिक्षकों को 'पुलिस दीदी' टीम और आपातकालीन हेल्पलाइन 112 की कार्यप्रणाली समझाई और भरोसा दिलाया कि पुलिस हर कदम पर उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है। संवाद के अंत में उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपना संपर्क नंबर भी साझा किया, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में वे बिना झिझक सीधे पुलिस से संपर्क साध सकें।

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