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जमुई बैड टच कांड: 20 दिनों में होगी सजा! एक्शन में IAS और IPS, वीडियो वायरल करने वाली 225 साइटों पर नपेगा एडमिन

Published: Thu, 24 Sep 2026 03:38 PM (IST)

Jamui Minor Student Harassment Case Speedy Trial: जमुई में नाबालिग छात्रा हैवानियत प्रकरण में जिला प्रशासन और पुलिस ने 15-20 ...और पढ़ें

Jamui Minor Student Harassment Case Speedy Trial: 20 दिनों में सजा दिलाने का ब्लूप्रिंट तैयार

Jamui Minor Student Harassment Case Speedy Trial: 20 दिनों में सजा दिलाने का ब्लूप्रिंट तैयार

HighLights

  1. नाबालिग छात्रा हैवानियत प्रकरण में 15-20 दिन में स्पीडी ट्रायल।

  2. वीडियो प्रसारित करने वाली 225 इंटरनेट साइटें साइबर सेल ने चिह्नित कीं।

  3. पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई जाएगी, डीएम ने संयम की अपील की।

संवाद सहयोगी, जमुई। Jamui Minor Student Harassment Case Speedy Trial:  जिले के चर्चित नाबालिग छात्रा हैवानियत प्रकरण में जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने सख्त कानूनी कार्रवाई की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। मामले की गंभीरता और सामाजिक संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने स्पीडी ट्रायल के माध्यम से अगले 15 से 20 दिनों के भीतर सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर आरोपितों को सख्त सजा सुनिश्चित कराने की पुख्ता तैयारी कर ली है।

जांच से लेकर न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करने और गवाहियों की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के बीच सीधा समन्वय स्थापित किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को निर्बाध और तेज गति से संचालित करने के लिए जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) को संयुक्त रूप से नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया है।

प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था के ये दोनों शीर्ष अधिकारी (आईएएस और आईपीएस) दैनिक स्तर पर केस डायरी, फॉरेंसिक रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और अदालती कार्यप्रणाली की निगरानी करेंगे, ताकि मामले में किसी भी स्तर पर देरी की गुंजाइश न रहे।

225 इंटरनेट साइटें चिह्नित, साइबर सेल करेगा सख्त कार्रवाई

इधर, नाबालिग छात्रा से जुड़ी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने व्यापक तकनीकी अभियान छेड़ दिया है। पुलिस के साइबर सेल ने इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो, तस्वीरें और पहचान उजागर करने वाली लगभग 225 साइटों, सोशल मीडिया पेजों और प्रोफाइलों को चिह्नित (शॉर्टलिस्ट) किया है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इंटरनेट मीडिया पर चल रही प्रत्येक गतिविधि पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा रही है। आईटी एक्ट और कानून का उल्लंघन करने वाले एकाउंट्स, ग्रुप एडमिन्स और पेज संचालकों के विरुद्ध सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत कठोर प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।

पर्यटन स्थलों पर बढ़ेगी सुरक्षा, डीएम ने की संयम की अपील

मड़वा पहाड़ जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जिले के सभी दर्शनीय, प्राकृतिक और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा का नया खाका खींचा है। इन चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वहां आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

स्पीडी ट्रायल व प्रशासनिक एक्शन

  • अदालती समय-सीमा: 15 से 20 दिनों के भीतर जांच, चार्जशीट और ट्रायल पूरा कराने का लक्ष्य।

  • नोडल पदाधिकारी: उप विकास आयुक्त (IAS) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (IPS दीप्ति मोनाली)।

  • साइबर सेल का एक्शन: वीडियो व आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वाली 225 साइटें/यूआरएल चिह्नित।

  • पर्यटन सुरक्षा: मड़वा पहाड़ सहित जिले के सभी दर्शनीय व संवेदनशील स्थलों पर विशेष पुलिस पेट्रोलिंग।

  • प्रशासनिक अपील: मीडिया व इंटरनेट यूजर्स को स्पीडी ट्रायल व कानून का ध्यान रखते हुए संवेदनशील सामग्री न फैलाने की हिदायत।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने मीडिया जगत और आम नागरिकों से अपील की है कि मामले की नाजुकता और कानूनी मर्यादा को देखते हुए ऐसी किसी भी भ्रामक या संवेदनशील सामग्री के प्रकाशन व प्रसारण से पूरी तरह परहेज करें, जिससे न्यायालय में चलने वाले स्पीडी ट्रायल की निष्पक्ष प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़े।

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