जमुई बैड टच कांड पर विपक्ष का फूटा गुस्सा; कचहरी चौक पर धरना, फूंका CM का पुतला; बोले- दरिंदों को मिले फांसी
Jamui Marwa Pahar Case Opposition Protest: जमुई के मड़वा गांव में नाबालिग छात्रा से छेड़खानी और छात्र की पिटाई के ...और पढ़ें

Jamui Marwa Pahar Case Opposition Protest: जमुई के कचहरी चौक पर मड़वा कांड के विरोध में धरना देते विपक्षी कार्यकर्ता।
HighLights
जमुई मड़वा कांड पर विपक्षी दलों ने कचहरी चौक पर धरना दिया।
राजद, भाकपा माले, आईआईपी ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका, आक्रोश व्यक्त किया।
दोषियों को फांसी, सीएम का इस्तीफा, पीड़िता को त्वरित न्याय की मांग।
संवाद सहयोगी, जमुई। Jamui Marwa Pahar Case Opposition Protest: सदर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मड़वा गांव के समीप बीते 19 सितंबर को नाबालिग छात्रा के साथ छेड़खानी और साथी छात्र के साथ हुई बर्बर मारपीट के मामले को लेकर राजनीतिक उबाल तेज हो गया है। घटना के विरोध में और पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद), भाकपा माले और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से स्थानीय कचहरी चौक पर एकदिवसीय धरना दिया।
इस दौरान विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रहार किए।
पुलिसकर्मियों पर एक्शन की मांग
नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता संभालने के समय सरकार ने दावा किया था कि राज्य में किसी भी मां-बहन के साथ कोई अनहोनी होने पर 24 घंटे के भीतर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, लेकिन इस जघन्य वारदात को बीते पांच दिन हो चुके हैं और पुलिस अब तक महज खानापूर्ति कर अपनी पीठ थपथपाने में जुटी है।
विपक्षी नेताओं ने कहा कि सूबे में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी नामजद आरोपितों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर फांसी की सजा दिलाई जाए।
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कोर्ट परिसर में मारपीट पर उठाए सवाल
धरना स्थल पर नेताओं ने बीते दिनों न्यायालय परिसर में आरोपितों के साथ अधिवक्ताओं और आम लोगों द्वारा की गई मारपीट की घटना की भी कड़े शब्दों में निंदा की। नेताओं ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में कानून का राज होना चाहिए, किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन: मुख्य तथ्य
प्रदर्शन स्थल: स्थानीय कचहरी चौक, जमुई।
शामिल दल: राष्ट्रीय जनता दल (RJD), भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (भाकपा माले), इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP)।
प्रमुख मुद्दा: 19 सितंबर को मड़वा गांव में छात्रा से छेड़खानी व छात्र से मारपीट में लचर पुलिस कार्रवाई का आरोप।
प्रमुख मांगें: आरोपितों को फांसी की सजा, मुख्यमंत्री का इस्तीफा, कोर्ट परिसर में सुरक्षा में चूके पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई।
प्रमुख नेता: राजद जिलाध्यक्ष त्रिवेणी यादव, IIP जिलाध्यक्ष शंभू कुमार, भाकपा माले नेता शंभूशरण सिंह।
दोषियों को सजा देने का काम अदालत और संविधान का है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आरोपित पुलिस अभिरक्षा में थे, तब उनकी सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। नेताओं ने आरोपितों की सुरक्षा में तैनात लापरवाह पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने और कानून हाथ में लेने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
विपक्षी नेताओं ने दो टूक कहा कि यदि बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री को अपने वादे के मुताबिक तुरंत त्यागपत्र दे देना चाहिए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि पीड़िता को त्वरित न्याय और परिवार को पुख्ता सुरक्षा नहीं मिली, तो यह आंदोलन प्रखंड से लेकर राजधानी तक विस्तार लेगा।
आंदोलन की दी चेतावनी
इस अवसर पर राजद जिलाध्यक्ष त्रिवेणी यादव, रामदेव यादव, मुरारी राम, शमशाद आलम, आईआईपी जिलाध्यक्ष शंभू कुमार, भाकपा माले नेता शंभूशरण सिंह, बाबू साहब सिंह, जयराम तुरी सहित दर्जनों प्रमुख नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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