विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बैड टच के आरोपि‍त नंदन-हरेराम को खनन विभाग से म‍िलता था रुपया; उठे सवाल- कहां थी पुल‍िस? डेंजर जोन में स्टॉक पॉइंट

Published: Wed, 23 Sep 2026 09:52 PM (IST)

Jamui Illegal Sand Mining Stock Point: जमुई में अवैध बालू खनन को लेकर खनन विभाग पर गंभीर सवाल उठ रहे ...और पढ़ें

Jamui Illegal Sand Mining Stock Point: जमुई में डेंजर जोन के पास स्थित बालू स्टॉक पॉइंट।

Jamui Illegal Sand Mining Stock Point: जमुई में डेंजर जोन के पास स्थित बालू स्टॉक पॉइंट

HighLights

  1. खनन माफिया नंदन-हरे राम को विभाग से मिल रही संजीवनी।

  2. डेंजर जोन में नए बालू स्टॉक पॉइंट लाइसेंस जारी हुए।

  3. नदी से 6 किमी दूर अवैध बालू को वैध बनाया जा रहा।

संवाद सहयोगी, जमुई। Jamui Illegal Sand Mining Stock Point: जिले में खुलेआम अवैध बालू खनन में लिप्त खनन माफिया नंदन और हरे राम को शायद खनन विभाग से ही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष 'संजीवनी' मिल रही है। यह गंभीर सवाल इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो के बाद आम जनता के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है।

हालांकि प्रसारित वीडियो की सत्यता की पुष्टि जागरण नहीं करता है, लेकिन वीडियो में दिख रहे दृश्य विभाग और जिला प्रशासन के दावों की पोल खोल रहे हैं। जिस इलाके को पूर्व में अवैध खनन के लिए 'डेंजर जोन' की श्रेणी में रखते हुए तत्कालीन जिला पदाधिकारी ने अनुज्ञप्ति रद्द कर दी थी, उसी स्थान पर फिर से बालू स्टॉक पॉइंट की अनुज्ञप्ति जारी कर दी गई है।

  • नदियों से बालू उठाव पर रोक के बावजूद जमुई के स्टॉक पॉइंट पर लग रहा अवैध बालू का बड़ा ढेर; सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

  • तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा डेंजर जोन मानकर रद्द किए गए इलाके में ही खनन विभाग ने संजीवन कुमार को जारी किया नया लाइसेंस

  • नदी से 6 किलोमीटर की दूरी तय करते ही ट्रैक्टरों पर लदा अवैध बालू हो रहा 'वैध'; दर्जनों ट्रैक्टरों की आवाजाही का वीडियो उजागर

  • खनिज विकास पदाधिकारी ने बताया पुराना वीडियो, पर खेत में लहलहाती धान की फसल ने विभागीय दावे पर खड़े किए बड़े सवाल

खनन विभाग ने किसी संजीवन कुमार के नाम से लाइसेंस संख्या 45/2026 जारी किया है। इन दिनों जब नदियों से बालू के उठाव पर सरकारी पाबंदी लागू है, तब इस स्टॉक पॉइंट पर बालू का पहाड़ खड़ा किया जा रहा है। वायरल वीडियो में करीब एक दर्जन ट्रैक्टर एक साथ स्टॉक पॉइंट पर बालू खाली करते दिख रहे हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि सब कुछ बेखौफ तरीके से चल रहा है।

अधिकारी का दावा पुराना वीडियो, पर धान की फसल खोल रही पोल

इस पूरे मामले में जब खनिज विकास पदाधिकारी रणधीर कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके इंस्पेक्टर ने स्थल सत्यापन किया है और वायरल वीडियो पुराना है। हालांकि, अधिकारी का यही जवाब उन्हें खुद कठघरे में खड़ा कर रहा है। लाइसेंस की संख्या 45/2026 स्पष्ट दर्शाती है कि यह अनुज्ञप्ति मई 2026 में ही निर्गत हुई है।

इसके अलावा, वीडियो में स्टॉक पॉइंट के चारों तरफ धान की फसल साफ लहलहाती नजर आ रही है। मई से जुलाई के बीच धान की इतनी बड़ी फसल संभव नहीं है, जो इस बात का पक्का प्रमाण है कि वीडियो वर्तमान समय का ही है।

6 किलोमीटर का दायरा और अवैध को वैध बनाने का खेल

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल और नदी से इस स्टॉक पॉइंट की दूरी लगभग पांच से छह किलोमीटर है। नदी से अवैध तरीके से बालू उठाकर लाने वाले ट्रैक्टरों के लिए यह छह किलोमीटर की दूरी पार करते ही बालू पूरी तरह 'वैध' बन जाता है।

पिछले तीन-चार महीनों से जारी इस खेल के जरिए अवैध खनन में संलिप्त लोग रोजाना लाखों रुपये का नाजायज अर्थोपार्जन कर रहे हैं और विभाग मौन दर्शक बना हुआ है।

यह भी पढ़ें- जमुई में CRPF और ब‍िहार पुलिस का सर्च ऑपरेशन; 2 पिस्टल और 11 जिंदा कारतूस बरामद, नक्सली गतिविधियों पर ब्रेक