नन्हीं परी के स्वागत में सजी गाड़ी, जमुई सदर अस्पताल में सफल सिजेरियन के बाद डिस्चार्ज, बेटी के जन्म को बनाया यादगार
Jamui Sadar Hospital Baby Girl Birth: जमुई सदर अस्पताल में सफल सिजेरियन प्रसव के बाद एक परिवार ने बेटी के ...और पढ़ें
HighLights
जमुई में बेटी के जन्म पर परिवार ने मनाया उत्सव।
नन्हीं परी को घर ले जाने के लिए गाड़ी को सजाया।
लैंगिक समानता का संदेश दिया, अस्पताल की सराहना।
संवाद सहयोगी, जमुई। Jamui Sadar Hospital Baby Girl Birth: समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाली एक बेहद खूबसूरत और प्रेरक तस्वीर जमुई सदर अस्पताल में देखने को मिली। सदर अस्पताल में सफल सिजेरियन प्रसव के बाद घर में नन्हीं परी के जन्म लेते ही पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। शनिवार को चिकित्सकों द्वारा आवश्यक जांच के बाद जच्चा और बच्चा दोनों के पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर जब उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, तो स्वजनों ने इस पल को यादगार बना दिया।
घर में नन्हीं परी के आगमन से पसरा उत्सव का माहौल
परिवार के सदस्य चारपहिया वाहन को रंग-बिरंगे गुब्बारों, फूलों और सजावटी झालरों से दुल्हन की तरह सजाकर अस्पताल पहुंचे और अत्यंत धूमधाम से नवजात बिटिया और मां को घर लेकर गए। जानकारी के अनुसार, जिले के खैरा थाना क्षेत्र अंतर्गत डुमरकोला गांव निवासी बादल सिंह की पत्नी स्नेहा कुमारी को प्रसव पीड़ा के बाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां चिकित्सकों की देखरेख में सफल सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए उन्होंने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
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घर में नन्हीं परी की पहली किलकारी गूंजते ही माता-पिता सहित परिवार के सभी सदस्यों के चेहरे खिल उठे। परिवार ने इस क्षण को साधारण विदाई के बजाय एक उत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया। जैसे ही सजी हुई गाड़ी में नवजात को लेकर स्वजन रवाना हुए, अस्पताल परिसर में मौजूद अन्य मरीज और उनके परिजन भी इस सुंदर नजारे को देखकर अभिभूत हो गए।
'बेटी का जन्म किसी बड़े उत्सव से कम नहीं'
नवजात के पिता और परिजनों ने भावुक होते हुए कहा कि आज के दौर में बेटा और बेटी में कोई भेद नहीं है। बेटी का जन्म उनके परिवार के लिए किसी बड़े त्योहार और गौरव से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि बेटियों के आगमन पर जिस तरह से समाज में खुशियां मनाई जानी चाहिए, उसी सोच के साथ उन्होंने वाहन को सजाकर अपनी बिटिया का घर में पहला कदम रखवाने का फैसला किया, ताकि समाज के हर वर्ग तक बेटियों के प्रति सम्मान और प्रेम का संदेश पहुंच सके।
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सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर जताया संतोष
इस दौरान प्रसूता स्नेहा कुमारी और उनके परिजनों ने सदर अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं और प्रबंधन की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा समय पर बेहतर इलाज, प्रसव उपरांत समुचित देखभाल और स्वास्थ्यकर्मियों का व्यवहार अत्यंत सहयोगात्मक रहा। सरकारी अस्पताल में मिले इस उच्चस्तरीय सहयोग से परिवार पूरी तरह संतुष्ट दिखा। अस्पताल परिसर से सजे-धजे वाहन में बेटी के गृह प्रवेश की इस अनूठी पहल की पूरे शहर और स्वास्थ्य महकमे में व्यापक चर्चा व सराहना हो रही है।
