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'लक्ष्मी आई है' जमुई में बेटी के स्वागत में 10 गाड़ियों की निकली बरात; DJ की धुन पर थिरकते घर लाए नन्हीं आरोही

Published: Thu, 24 Sep 2026 08:43 PM (IST)

Jamui Gidhaur Gangra Girl Grand Welcome: जमुई के गिद्धौर प्रखंड के गंगरा गांव में एक परिवार ने नवजात बेटी आरोही ...और पढ़ें

Jamui Gidhaur Gangra Girl Grand Welcome: आरोही का स्‍वागत।

Jamui Gidhaur Gangra Girl Grand Welcome: आरोही का स्‍वागत।

HighLights

  1. जमुई के गंगरा गांव में बेटी आरोही का भव्य स्वागत।

  2. पिता और दादा ने 10 गाड़ियों के काफिले से घर लाए।

  3. डीजे और बारात की तरह मना 'लक्ष्मी' के आगमन का जश्न।

संवाद सहयोगी, जमुई। Jamui Gidhaur Gangra Girl Grand Welcome: 21वीं सदी के दौर में भी जहां समाज के कई कोनों में बेटियों के जन्म पर मायूसी और खामोशी छा जाती है, वहीं जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत गंगरा गांव के एक परिवार ने रूढ़िवादी सोच को तोड़ते हुए एक शानदार और प्रेरक मिसाल कायम की है।

गांव के एक पिता और दादा ने अपनी नवजात बेटी के इस दुनिया में आगमन को उस भव्यता और गर्मजोशी से मनाया, जो आमतौर पर लोग सिर्फ बेटों के जन्म पर ही सोचते हैं। मामला गंगरा गांव निवासी अमित कुमार सिंह के परिवार से जुड़ा है। गत 15 सितंबर को जमुई सदर अस्पताल में अमित कुमार सिंह की पत्नी ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।

घर के आंगन में बेटी की पहली किलकारी गूंजते ही पूरे परिवार में उत्सव का माहौल बन गया। नवजात के पिता अमित कुमार सिंह और दादा दिलीप सिंह ने अपनी इस नन्हीं परी के गृह प्रवेश को जीवन भर के लिए यादगार बनाने का संकल्प लिया।

डीजे और 10 गाड़ियों का काफिला

अस्पताल से नवजात बच्ची को घर लाने के लिए 23 सितंबर की देर शाम जो दृश्य देखने को मिला, उसने हर किसी को चकित कर दिया। पिता और दादा करीब 10 चार पहिया वाहनों के लंबे काफिले और डीजे के साथ पूरी तरह बरात के अंदाज में जमुई सदर अस्पताल पहुंचे। सभी गाड़ियां रंग-बिरंगे गुब्बारों और फूलों से सजी हुई थीं।

Jamui Family Celebrates Newborn Girl Aarohi with Grand Welcome

नन्हीं आरोही का स्वागत

  • स्थान: गंगरा गांव, प्रखंड- गिद्धौर (जमुई जिला)।

  • जन्म स्थल व तिथि: जमुई सदर अस्पताल, 15 सितंबर।

  • गृह प्रवेश व विदाई तिथि: 23 सितंबर की देर संध्या।

  • नवजात का नाम: आरोही।

  • पिता व दादा: अमित कुमार सिंह (पिता), दिलीप सिंह (दादा)।

  • तैयारी: डीजे, गुब्बारों से सजे वाहन और 10 गाड़ियों का काफिला।

डीजे पर बजती मंगल धुनों और वाहनों के इस सजे-धजे काफिले के साथ जब परिजन गिद्धौर बाजार होते हुए सदर अस्पताल के मुख्य द्वार पर पहुंचे, तो सड़क किनारे खड़े राहगीर और अस्पताल में मौजूद लोग टकटकी लगाए देखते रह गए। अस्पताल से विधिवत छुट्टी मिलने के बाद बच्ची को परिजनों ने अपनी गोद में लिया और उसी नाचते-गाते जश्न के माहौल में उसे गांव स्थित घर लाया गया।

बोले- घर आई हैं साक्षात लक्ष्मी

परिजनों ने नवजात बच्ची का नाम बेहद प्यार से 'आरोही' रखा है। अपनी खुशी साझा करते हुए पिता अमित कुमार सिंह और दादा दिलीप सिंह ने कहा कि उनके घर साक्षात धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी का जन्म हुआ है। आज के युग में बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं, बल्कि वे समाज और परिवार का मान बढ़ा रही हैं।

स्वजनों का कहना था कि यह भव्य आयोजन सिर्फ एक व्यक्तिगत उत्सव नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि बेटियां किसी पर बोझ नहीं, बल्कि घर का गौरव होती हैं। वे चाहते हैं कि यह पहल उन सभी माता-पिता के लिए एक प्रेरणा बने जो बेटी के जन्म पर संकोच महसूस करते हैं। गंगरा गांव के इस परिवार की सकारात्मक और प्रगतिशील सोच की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है और इंटरनेट मीडिया पर भी लोग इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना कर रहे हैं।

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