विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जमुई में फार्मर रजिस्ट्री में सुस्ती पर DM का कड़ा एक्शन, 2 कर्मचारी सस्पेंड

Published: Sat, 30 May 2026 09:57 PM (IST)

जमुई में फार्मर रजिस्ट्री अभियान में लापरवाही बरतने पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर डीएम का सख्त एक्शन।

  2. दो राजस्व कर्मचारी निलंबित, दो कृषि समन्वयक की संविदा रद।

  3. किसानों को योजनाओं से जोड़ने में ढिलाई बर्दाश्त नहीं।

संवाद सहयोगी, जमुई। फार्मर रजिस्ट्री अभियान में लापरवाही बरतने वालों पर जिला प्रशासन की सख्ती का डंडा लगातार चल रहा है। इस बार कार्रवाई की जद में दो राजस्व कर्मचारी तथा दो कृषि समन्वयक आ गए हैं।

इसमें एक राजस्व कर्मचारी संविदा पर कार्यरत थे, जिनकी संविदा ही समाप्त कर दी गई। बाकी के दो समन्वयकों की भी संविदा रद करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

जबकि झाझा में पदस्थापित एक राजस्व कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। इसके पहले भी एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया था तथा दो कृषि सलाहकार पर चयन मुक्ति की गाज गिरी थी।

जिलाधिकारी की उक्त दोनों कार्रवाई के बाद जिले भर में अधिकारियों व कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया है। दरअसल जिले में 12 मई से 30 जून तक मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाकर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ना है।

अभियान की समीक्षा के दौरान कई क्षेत्रों में कार्य प्रगति बेहद खराब मिलने पर उक्त कार्रवाई की गई। जिला पदाधिकारी ने झाझा अंचल में कार्यरत संविदा राजस्व कर्मचारी लालचंद्र हेंब्रम को बार-बार चेतावनी के बावजूद कार्य में सुधार नहीं लाने और फार्मर आईडी निर्माण में अत्यंत धीमी प्रगति के कारण तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया है।

कार्यों में लापरवाही पर लिया एक्शन

इसी कड़ी में खैरा के राजस्व कर्मचारी निरंजन कुमार को सरकारी कार्यों में लापरवाही और लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। कार्रवाई की जद में कृषि विभाग के कर्मी भी आए हैं।

लक्ष्मीपुर के कृषि समन्वयक कर्मराज और चंद्रशेखर आजाद के विरुद्ध भी चयनमुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। प्रशासन का मानना है कि दोनों ने लगातार निर्देशों के बावजूद कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं किया।

डीएम ने साफ संदेश दिया है कि किसानों के हितों से जुड़ी इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी स्तर की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि 30 जून तक लक्ष्य पूरा नहीं होने पर जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सभी संबंधित कर्मियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

प्रशासन का मानना है कि योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने में लापरवाही करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

यह भी पढ़ें- बिहार में अब विधानमंडल की बैठकों से गायब नहीं रह पाएंगे अफसर, मुख्य सचिव ने जारी किया सख्त निर्देश