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पानी में तालाब खुदाई की कौन सी तकनीक? जमुई DDC शिप्रा विजय कुमार पहुंचीं; अभियंताओं से पूछा- इसमें कैसे चल गया कुदाल?

Published: Fri, 18 Sep 2026 12:38 PM (IST)

Jamui DDC Shipra Vijay Kumar Probe Pond Digging: जमुई डीडीसी शिप्रा विजय कुमार चौधरी ने खैरा प्रखंड की झुंडो पंचायत ...और पढ़ें

Jamui DDC Shipra Vijay Kumar Probe Pond Digging: दैनिक जागरण की खबर का बड़ा असर! पानी भरे तालाब की जांच करने पगडंडियों पर उतरीं जमुई DDC, बिचौलियों में हड़कंप

Jamui DDC Shipra Vijay Kumar Probe Pond Digging: दैनिक जागरण की खबर का बड़ा असर! पानी भरे तालाब की जांच करने पगडंडियों पर उतरीं जमुई DDC, बिचौलियों में हड़कंप

HighLights

  1. डीडीसी शिप्रा विजय कुमार ने झुंडो पंचायत में तालाबों की जांच की।

  2. पानी से भरे तालाबों में खुदाई पर अभियंताओं ने बहाने बनाए।

  3. फर्जी मानव दिवस सृजन में 50% की गिरावट दर्ज की गई।

जागरण संवाददाता, जमुई। Jamui DDC Shipra Vijay Kumar Probe Pond Digging: पानी से लबालब भरे तालाब में आखिर किस तकनीक से मजदूरों द्वारा मिट्टी की खुदाई संभव हो गई, इस जमीनी हकीकत को अपनी आंखों से देखने के लिए जिले की उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शिप्रा विजय कुमार चौधरी गुरुवार को अचानक एक्शन मोड में नजर आईं। वे बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे खैरा प्रखंड अंतर्गत झुंडो पंचायत पहुंच गईं।

प्रशासनिक महकमे में संभवत: ऐसा पहली बार देखा गया जब 'दैनिक जागरण' में सनसनीखेज फर्जीवाड़े की खबर प्रकाशित होने के चंद घंटों के भीतर ही कोई भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का वरिष्ठ अधिकारी सीधे धरातल पर जांच के लिए उतर गया

डीडीसी की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से जमुई जिले भर में 'विकसित भारत–जी राम जी' (वीबी जीरामजी) योजना से जुड़े कार्यक्रम पदाधिकारियों, कनीय अभियंताओं, पंचायत रोजगार सेवकों और बिचौलियों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान डीडीसी केवल मुख्य सड़क, ब्लॉक मुख्यालय या अपनी सरकारी गाड़ी तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे पगडंडियों और कीचड़ भरे रास्तों से पैदल चलकर सीधे योजना स्थल तक पहुंचीं।

तीनों तालाबों में भरा मिला पानी, बारिश का बहाना बनाते रहे इंजीनियर

डीडीसी शिप्रा विजय कुमार चौधरी ने झुंडो पंचायत में संचालित तीन अलग-अलग जल संचयन तालाब योजनाओं की मौके पर जाकर सघन जांच की। हालांकि, प्रशासनिक प्रोटोकॉल के तहत उन्होंने फिलहाल मीडिया के साथ अपनी जांच का अंतिम निष्कर्ष साझा नहीं किया है, लेकिन मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार तीनों ही तालाबों में काफी अधिक मात्रा में पानी भरा पाया गया।

जैसे ही डीडीसी ने कड़े लहजे में पूछा कि जब तालाब में इतना गहरा पानी जमा है, तो यहां मजदूरों से नीचे उतरकर मिट्टी की खुदाई कैसे कराई जा रही थी? इस तीखे सवाल पर मौजूद तकनीकी अभियंता बगले झांकने लगे और झूठे बहानों की आड़ लेने लगे। अभियंताओं ने सफाई देने की कोशिश की कि काम पूरा होने के बाद हाल में हुई मूसलाधार बारिश के कारण तालाब में अचानक पानी भर गया है।

Jamui DDC Shipra Vijay Kumar Probes Pond Digging Fraud (1)

  • दैनिक जागरण में खबर प्रकाशित होते ही एक्शन मोड में आईं उप विकास आयुक्त (DDC) शिप्रा विजय कुमार चौधरी; खैरा की झुंडो पंचायत में की औचक जांच

  • गाड़ी छोड़ पगडंडियों के सहारे सीधे योजना स्थल पर बने तीन तालाबों तक पहुंचीं आईएएस अधिकारी, तीनों तालाबों में लबालब भरा मिला पानी

  • पानी भरे तालाब में खुदाई के सवाल पर अभियंताओं ने बारिश का बनाया बहाना; आंकड़ों में बीते एक हफ्ते में खैरा में हुई थी बेहद मामूली बारिश

  • अनियमितता उजागर होते ही जिले भर में 'विकसित भारत–जी राम जी' (VB-G RAM G) के कार्यों और फर्जी मानव दिवस सृजन का ग्राफ 50 फीसदी से नीचे लुढ़का

हालांकि, जब डीडीसी ने मौसम विभाग के वर्षा आंकड़ों का हवाला दिया, तो अभियंताओं की बोलती बंद हो गई। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक बीते एक सप्ताह के दौरान खैरा प्रखंड में केवल छिटपुट व मामूली वर्षा दर्ज की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब अधिकारी ने दोबारा तल्ख अंदाज में पूछा कि एक-दो दिन की हल्की बूंदाबांदी से पूरा तालाब लबालब कैसे भर गया, तो निरुत्तर हुए अभियंता इसे खैरा प्रखंड को जानबूझकर टारगेट किए जाने का रोना रोने लगे। लेकिन डीडीसी के सख्त रुख पर इन दलीलों का कोई असर नहीं दिखा।

फर्जी मस्टर रोल और बिचौलियों पर बड़े एक्शन की तैयारी

घटनास्थल की स्थिति से यह पूरी तरह शीशे की तरह साफ हो गया कि दैनिक जागरण द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट शत-प्रतिशत तथ्यात्मक और जमीनी सच्चाई पर आधारित थी। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि घर बैठे बिचौलियों और फर्जी मस्टर रोल पर मजदूरों की फर्जी हाजिरी दिखाकर सरकारी राशि का बंदरबांट करने वाले अधिकारियों व कर्मियों पर बहुत बड़ा प्रशासनिक चाबुक चलने वाला है।

खबर छपते ही धड़ाम से गिरा फर्जी काम और हाजिरी का ग्राफ

दैनिक जागरण में धांधली की खबर प्रमुखता से छपने और केंद्रीय स्तर से लेकर जिला प्रशासन तक मचे भूचाल का सीधा असर जमीन पर दिखने लगा है। पूरे जमुई जिले में वीबी जीरामजी योजना के तहत संचालित कार्यों और फर्जी मानव दिवस (मैन-डेज) सृजन का ग्राफ एक ही झटके में धड़ाम से नीचे आ गिरा है। कार्रवाई के खौफ का आलम यह है कि जिले में योजनाओं की कागजी उपस्थिति और काम का आंकड़ा अचानक लुढ़ककर 50 प्रतिशत से भी नीचे चला गया है, जिससे बिचौलियों का नेटवर्क पूरी तरह चरमरा गया है।

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