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बिहार में पानी भरे तालाब में कैसे हो गई खुदाई? 'विकसित भारत–जी राम जी' में अनियमितता पर भड़के शिवराज सिंह चौहान

Published: Fri, 18 Sep 2026 11:37 AM (IST)

Bihar VB Giramji Pond Digging Scam Shivraj Singh Chouhan: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के जमुई में 'विकसित ...और पढ़ें

HighLights

  1. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फर्जीवाड़े पर नाराजगी जताई।

  2. जमुई में पानी भरे तालाबों में कागजी खुदाई का मामला।

  3. देशभर में 'वीबी जीरामजी' योजनाओं की रैंडम जांच के आदेश।

जागरण संवाददाता, जमुई। Bihar VB Giramji Pond Digging Scam Shivraj Singh Chouhan: बिहार के जमुई जिले में 'विकसित भारत–जी राम जी' (वीबी जीरामजी) योजना के अंतर्गत पानी से लबालब भरे तालाबों में कागजी तौर पर खुदाई कराए जाने के सनसनीखेज खुलासे पर केंद्र सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। 'दैनिक जागरण' में प्रमुखता से प्रकाशित इस खोजी रिपोर्ट पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीधा संज्ञान लेते हुए कड़ी नाराजगी जताई है।

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर के मनरेगा आयुक्तों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने दो टूक पूछा कि जब बिहार के गांव में तालाब पहले से पानी से भरा हुआ था, तो वहां मजदूरों से खुदाई का काम कैसे दिखा दिया गया? केंद्रीय मंत्री ने मंच से स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजनाओं में किसी भी स्तर का फर्जीवाड़ा या लीपापोती कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Bihar Jamui Pond Digging Scam Shivraj Singh Chouhan Orders Probe

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के आधार पर जमुई के संबंधित स्थलों की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो संलिप्त कर्मियों, अधिकारियों और बिचौलियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही देश के अन्य राज्यों में चल रही वीबी जीरामजी योजनाओं की भी रैंडम जांच कराने का आदेश दिया गया है।

दो महीने में ही गड़बड़ी का घोंटेंगे गला: शिवराज

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस योजना को लागू हुए अभी महज दो महीने का समय बीता है और तीसरा महीना चल रहा है। उन्होंने कहा कि योजना के शुरुआती दौर में ही सिस्टम में पनपने वाली किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का गला घोंटना बेहद जरूरी है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की इस पहल का मूल उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में वास्तविक मजदूरों को रोजगार मुहैया कराना और गांवों में स्थायी जल संचयन परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इसे केवल कागजों पर खानापूर्ति कर सरकारी खजाने की बंदरबांट का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।

Bihar Jamui Pond Digging Scam Shivraj Singh Chouhan Orders Probe (1)

  • बिहार के जमुई में 'विकसित भारत–जी राम जी' (VB-G RAM G) योजना में पानी भरे तालाबों की कागजी खुदाई पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा एक्शन

  • दैनिक जागरण के खुलासे पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जताई कड़ी नाराजगी, उच्चस्तरीय जांच के दिए आदेश

  • शिवराज सिंह चौहान का तीखा सवाल: जब तालाब लबालब भरा था, तो मजदूरों से खुदाई कैसे करा दी गई? योजना में फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा

  • मजदूर दिल्ली में हो और गांव में फर्जी मस्टर रोल से राशि निकल जाए, यह बर्दाश्त नहीं; देशभर में औचक रैंडम जांच के निर्देश

Bihar Jamui Pond Digging Scam Shivraj Singh Chouhan Orders Probe (2)

दिल्ली में मजदूर और गांव में फर्जी निकासी का खेल अब बंद

मनरेगा की पुरानी कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फर्जी मस्टर रोल बनाकर राशि की निकासी करने की परिपाटी अब किसी कीमत पर नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि मजदूर काम की तलाश में दिल्ली, मुंबई या अन्य महानगरों में बैठा हो और उसके नाम पर गांव में मस्टर रोल तैयार कर मजदूरी निकाल ली जाए, ऐसी व्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Bihar Jamui Pond Digging Scam Shivraj Singh Chouhan Orders Probe (3)

डिजिटल मॉनिटरिंग और 60:40 अनुपात का सख्ती से हो पालन

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन, रियल-टाइम बायोमेट्रिक उपस्थिति और जीपीएस आधारित तकनीकी निगरानी को अनिवार्य रूप से लागू रखा जाए। साथ ही उन्होंने यह भी हिदायत दी कि किसी भी पात्र और वास्तविक श्रमिक को काम से वंचित न किया जाए। उन्होंने सभी स्वीकृत ग्रामीण विकास योजनाओं में निर्धारित 60 प्रतिशत मजदूरी (लेबर) और 40 प्रतिशत सामग्री (मटेरियल) के वित्तीय अनुपात का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया।

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