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जमुई ADM कोर्ट का बड़ा फैसला, सिकंदरा में गैरमजरुआ जमीन की 24 अवैध जमाबंदी को किया रद

Published: Mon, 01 Jun 2026 01:57 PM (IST)

एडीएम कोर्ट जमुई ने सिकंदरा में गैरमजरुआ जमीन से जुड़ी 24 अवैध जमाबंदियों को रद कर दिया है। कोर्ट ने ...और पढ़ें

सिकंदरा में गैरमजरुआ जमीन की 24 अवैध जमाबंदी रद

सिकंदरा में गैरमजरुआ जमीन की 24 अवैध जमाबंदी रद

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संवाद सहयोगी, जमुई। सिकंदरा बाजार रोड में अस्पताल के समीप अवस्थित जमीन से जुड़े चर्चित मामले में एडीएम कोर्ट से एक महत्वपूर्ण फैसला आया है। कोर्ट ने संबंधित जमाबंदी सहित कुल 24 जमाबंदी को रद कर दिया है। कोर्ट ने माना है कि सभी जमाबंदी गलत तरीके से कायम हुई थी। फैसला पक्ष में आने के बाद किसानों के बीच खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।

एडीएम न्यायालय ने कथित रैयत की जमाबंदी रद कर संबंधित जमीन को सरकारी खाते में चढ़ाने का न सिर्फ आदेश दिया है बल्कि उक्त भूखंडों को अतिक्रमण मुक्त कराने की आवश्यक कार्रवाई का भी आदेश पारित किया है। इसके पहले हाई कोर्ट तथा जिलाधिकारी के न्यायालय ने भी अलग-अलग परिवाद में जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश दिया था।

अपर समाहर्ता न्यायालय ने उक्त फैसला किसान रघुनंदन यादव के परिवाद पर दिया है। न्यायालय ने तथ्यों को रेखांकित करते हुए कहा है कि राज्य की सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध जमाबंदी कायम रहने देना लोकहित एवं कानून के प्रतिकूल होगा।

सरकारी भूमि पर निजी स्वामित्व का दावा तभी मान्य हो सकता है जब उसके पास वैधानिक आधार उपलब्ध हो, जिसकी पुष्टि वर्तमान अभिलेख से नहीं होती है।

लिहाजा समस्त तथ्यों, जांच प्रतिवेदन, अभिलेख एवं उच्च न्यायालय पटना द्वारा पारित आदेशों के आलोक में अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचता है कि सिकंदरा मौज अंतर्गत खाता संख्या 454 खेसर 1280 एवं संबंधित अन्य गैरमजरूआ सरकारी भूमि पर अवैध जमाबंदी कायम की गई है।

उक्त जमीन से संबंधित जमाबंदी के अलावा जमाबंदी संख्या 2510, 2507, 2508, 2511, 2512, 2513, 1440, 511, 567, 2563, 1012, 1038, 1592, 1568, 1618, 1705, 1372, 1485, 1528, 1529, 2456, 2449 ए 1968 एवं 3780 बी को भी तत्काल प्रभाव से रद किया जाता है।

साथ ही अंचल अधिकारी सिकंदरा को निर्देश दिया गया है कि उक्त भूमि को सरकारी अभिलेख में पुनः दर्ज करते हुए आवश्यक सुधारात्मक प्रविष्टि करें। उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में अतिक्रमणवाद प्रारंभ करते हुए संबंधित जमीन को अतिक्रमणमुक्त सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया है।

लंबे समय से चल रहा था कानूनी विवाद

सिकंदरा अस्पताल के समीप की जमीन को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था। किसानों का दावा था कि यह जमीन गैर मजरूआ किस्म की है तथा दशकों से सिंचाई स्त्रोत के रूप में उपयोग होते आ रहा है, जबकि दूसरे पक्ष का दावा था कि उनके नाम से उक्त जमीन की जमाबंदी कायम है।

उसी को आधार बताते हुए उन लोगों द्वारा उक्त जमीन पर निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया था। इसको लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। फैसले की पुष्टि एडीएम रविकांत सिन्हा ने भी की है।

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