जमुई। थाना क्षेत्र के रवैय मुसहरी में हुए दोहरे हत्याकांड का मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा निकला। आश्चर्य की बात तो यह है कि पिता की गलती की सजा पुत्र ने सजाए मौत सुना दी। इतना ही नहीं, प्रेमी पिता कारू मांझी के साथ-साथ प्रेमिका सास भवानी देवी को भी नहीं बख्शा।

10 वर्ष पूर्व हत्यारोपित ललन मांझी की शादी राजपुरा मुसहरी के मुंशी मांझी की पुत्री लाजो देवी के साथ हुई थी। इसी दौरान ललन के पिता कारू मांझी और लाजो देवी की मां भवानी के बीच प्रेम हो गया। प्रेम ऐसा परवान चढ़ा की दोनों फरार हो गए। वहीं तकरीबन तीन वर्ष बाद जब सात जून को घर लौटे तो नाराज पुत्र के साथ उसकी पत्नी ने मिलकर दोनों की हत्या कर दी। पुलिस उसकी खोज में लगी है। आरोपित की पत्नी से भी पुलिस को कई अहम राज का पता चला है। ऐसा भी कयास लगाया जा रहा है कि भले ही दोहरे हत्याकांड में पुत्र और उनकी पत्नी की संलिप्तता हो, लेकिन शव को ठिकाने लगाने में और भी किसी लोगों का भी योगदान से इन्कार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल, मामला जांच का विषय बना हुआ है।

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साक्ष्य छिपाने की पुत्र ने की थी पूरी कोशिश

साक्ष्य छिपाने को लेकर पति-पत्नी ने दोनों के शव को फाजिल आहर में दफना दिया। गनीमत रही कि तीन दिन के बाद शव से बदबू उठना शुरू हो गया। जिससे लोग तरह-तरह के कयास लगाने लगे, लेकिन इसी बीच इसकी भनक सिकंदरा पुलिस को लग गई। उसके बाद जेसीबी से दोनों के शव को आहर से निकाला गया।

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दिग्भ्रमित कर आरोपित पुत्र हुआ था फरार

घटना के बाद पुलिस ने फौरन आरोपित पुत्र ललन मांझी को हिरासत में ले लिया था, लेकिन ललन ने झूठी कहानी बताकर पुलिस को दिग्भ्रमित कर दिया था और पुलिस के चंगुल से छूटते ही फरार हो गया। बाद में पुत्र की करतूत पुलिस के सामने आई।

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कोट

आरोपित ललन मांझी की गिरफ्तारी को लेकर टीम गठित कर छापेमारी की जा रही है। जल्द ही आरोपित सलाखों के पीछे होगा। फिलहाल, आरोपित की पत्नी लाजो देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना के संबंध में कई तथ्य सामने आए हैं। अनुसंधान जारी है।

सदाशिव साहा, थानाध्यक्ष, सिकंदरा

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