जमुई में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: कहीं लटके मिले ताले तो कहीं भवन जर्जर, ANM महीनों से गायब
जमुई के चंद्रमंडी प्रखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था की पड़ताल में चार में से तीन स्वास्थ्य केंद्र बदहाल मिले, कहीं ताले ...और पढ़ें

जमुई में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल
HighLights
चंद्रमंडी में चार में से तीन स्वास्थ्य केंद्र बदहाल मिले।
कई केंद्रों पर ताले लटके, भवन जर्जर और गंदगी व्याप्त थी।
एक एएनएम साढ़े तीन महीने से बिना सूचना के अनुपस्थित।
संवाद सूत्र, चंद्रमंडी(जमुई)। प्रखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के तमाम दावे धरातल पर बेअसर नजर आ रहे हैं। सोमवार को दैनिक जागरण की पड़ताल में चार स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति सामने आई। कहीं केंद्र पर ताला लटका मिला तो कहीं भवन और बुनियादी सुविधाओं की हालत बदतर दिखी। हालांकि, एक केंद्र पर चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी पर उपस्थित मिले।
जागरण टीम सुबह 10:50 बजे उप स्वास्थ्य केंद्र बाघापतार पहुंची तो मुख्य गेट पर बड़ा ताला लटका मिला। परिसर में चारों तरफ घास-झाड़ियां और गंदगी फैली थी। भवन पूरी तरह जर्जर स्थिति में था। चिकित्सक तो दूर, वहां एक भी स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित नहीं था।
कभी-कभार एक आती है एएनएम
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कभी-कभार एक एएनएम आती है और थोड़ी देर बाद चली जाती हैं। ग्रामीणों के अनुसार, केंद्र का ताला महीनों से नहीं खुला है। इस कारण इलाके के लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है।
सुबह 11:08 बजे अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बामदह पहुंचने पर स्थिति कुछ बेहतर मिली। अस्पताल खुला था। यहां चिकित्सक डॉ. अन्ना और आयुष चिकित्सक डॉ. महजीव उपस्थित थे। जीएनएम सोनी कुमारी और डेटा ऑपरेटर अनुज कुमार भी ड्यूटी पर थे।
हालांकि, अस्पताल में एक भी मरीज नहीं था। साफ-सफाई और व्यवस्था दुरुस्त मिली। इसके बाद 11:20 बजे कर्णगढ़ स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र खुला मिला। यहां सीएचओ राज रोशन उपस्थित थे।
साढ़े तीन महीने से बिना सूचना के अनुपस्थित
एएनएम आभा कुमारी टीकाकरण के लिए फील्ड में गई थी, जबकि दूसरी एएनएम रानी कुमारी पिछले साढ़े तीन महीने से बिना सूचना के अनुपस्थित बताई गईं। केंद्र में सुविधाओं का अभाव दिखा। चापाकल खराब था और शौचालय उपयोग लायक नहीं था। कई दरवाजे-खिड़कियां गायब थीं।
परिसर में गंदगी फैली थी और भवन की वर्षों से रंगाई-पोताई नहीं हुई थी। दोपहर 12 बजे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर कोराने पहुंचने पर फिर वही स्थिति मिली। पूरे अस्पताल में ताला लटका था। मुख्य गेट के अगल-बगल लगे शीशे टूटे हुए थे।
ग्रामीणों ने बताया कि यहां अक्सर ताला लटका रहता है और स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। कुल मिलाकर, चारों केंद्रों की पड़ताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की चिंताजनक तस्वीर सामने आई।
आज टीकाकरण था, इसलिए हो सकता है कि अस्पताल बंद हो। वैसे अस्पताल नियमित रूप से खुलता है। अगर कहीं गड़बड़ी पाई जाएगी तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। - संजीत कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक, चकाई
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